Betul Daily News/चिचोली :- कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष तिथि को सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व अक्षय आवाला नवमी महिलाओं ने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। आंवला नवमी पर्व पर महिलाओं ने आवाला के वृक्ष के तने चारों ओर कच्चा सूत बांधा आवला के वृक्ष की विधि विधान से पूजा अर्चना और परिक्रमा की इसके पश्चात सुहाग महिलाओं में एक दूसरे को सुहाग की सामग्री भेट कर आवले के पेड़ के नीचे भोजन किया । पौराणिक मान्यता के अनुसार कार्तिक मास में आंवला नवमी से लेकर कार्तिक पूर्णिमा आवले के पेड़ में भगवान विष्णु निवास करते हैं l अंबिका सूर्यवंशी ने बताया कि दरअसल सनातन धर्म में पर्यावरण की संरक्षण के लिए पेड़ की पूजा की मान्यता है आंवला को सेहत के लिए श्रेष्ठ माना गया है पेड़ पौधों के बिना मानव जीवन कल्पना नहीं की जा सकती इस दिन वाला की पूजा और पेड़ के नीचे बैठकर भोजन करने से व्यक्ति स्वस्थ रहता है इस दौरान दिप्ती शुक्ला, बबीता सूर्यवंशी, वंदना दुबे अंबिका सूर्यवंशी, रीना आर्य, सोनम पेठे, अनामिका बिहारे , आकांक्षा पटेल प्रिया चौकसे , बबली आर्य सरिता आर्य, किरण आर्य, पायल पेठ किरण शुक्ला आदि मौजूद रहे l
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