प्रतिवर्ष मेला लगने में होती है लेट लतीफी
Betul Ki Khabar/मुलताई। नगर पालिका द्वारा जहां मेले को कार्तिक पूर्णिमा से प्रारंभ करने की कवायद की जा रही थी वहीं आपसी सामंज्यस नही होने से इस बार मेला लगने में विलंब हो सकता है। हालांकि मेले में झूला स्थल की पहले ही बोली लग चुकी है तथा दुकानदारों को दुकानें आबंटित कर दी गई है इसके बावजूद व्यापारियों द्वारा शिकवा शिकायतों का सीधा असर मेला लगने पर पड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी मेले में केवल एक ग्रुप के झूले लग रहे हैं वहीं प्लाट आबंटन के बावजूद दुकानदार नदारद हैं। उपयंत्री महेश शर्मा ने बताया कि झूले, होटल सहित दुकानों के लिए प्लाट आबंटित किए जा चुके हैं लेकिन बड़ी संख्या में दुकानदार कार्तिक पूर्णिमा के एक सप्ताह बाद तक दुकानें लगाते हैं जिससे मुलताई का मेला विलंब से लगता है। इधर उपयंत्री योगेश अनेराव ने बताया कि मेले में विद्युत व्यवस्था की भी औपचारिकता लगभग पूर्ण हो चुकी है। गौरतलब है कि मुलताई मेला अन्य मेलों पर निर्भर रहता है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन जगह जगह मेला लगने से मुलताई आने वाले दुकानदार पहले आसपास के मेले करते हैं जिसके बाद मुलताई पहुंचते हैं। इसके साथ ही मेला समाप्त होने में भी समय लगता है क्योंकि अधिकांश दुकानदार मुलताई मेले से सीधे दुकानें सारणी मेले में ले जाते हैं जब तक सारणी मेला प्रारंभ नही हो जाता तब तक वे मुलताई मेले में ही रहते हैं जिससे मेला जहां विलंब से प्रारंभ होता है वहीं विलंब से समाप्त भी होता है। इधर थाना प्रभारी मुलताई ने मेले की समाप्ति का समय नियत कर दिया गया है। बैठक में मेले के संबन्ध में थाना प्रभारी नरेन्द्र सिंह परिहार ने बताया कि 10 दिसबंर तक मेला समाप्त करना आवश्यक है क्योंकि पुलिस को इसके अलावा अन्य कार्य भी होते हैं जो मेले के कारण प्रभावित हो जाते हैं।
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