किसान संघर्ष समिति करेगी मुख्यमंत्री के किसान विरोधी तुगलकी फरमान का विरोध

By betultalk.com

Published on:

Follow Us
                                                                     मुलताई से शुरू होगा तीन दिवसीय चेतावनी धरना

Betul Ki Khabar/मुलताई। किसान संघर्ष समिति की जिला कार्यकारिणी की बैठक बुधवार संपन्न हुई । बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री के किसान विरोधी तुगलकी फरमान का विरोध किया जाएगा और मुलताई से तीन दिवसीय चेतावनी धरना आंदोलन की शुरुआत होगी। यह धरना 11 से 13 नवंबर तक किसान स्तंभ, मुलताई पर आयोजित किया जाएगा। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनीलम ने कहा कि प्रधानमंत्री बार-बार संसद में यह दावा करते हैं कि किसानों की उपज एमएसपी पर खरीदी जा रही है, लेकिन यह पूरी तरह झूठ है। उन्होंने कहा कि मुलताई क्षेत्र के किसानों को मक्का का समर्थन मूल्य 2400 रुपये प्रति क्विंटल घोषित है, परंतु मंडियों में यह केवल 1000 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल में बिक रही है। इसी तरह सोयाबीन की एमएसपी 5328 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि किसानों को 3500 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल पर फसल बेचनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण किसान भारी नुकसान झेल रहे हैं।प्रदेश अध्यक्ष आराधना भार्गव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार का हर फैसला किसानों और मजदूरों के हक के खिलाफ जा रहा है। उन्होंने बताया कि आगामी प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में एमएसपी की कानूनी गारंटी, भावांतर योजना बंद करने, किसानों की कर्जा माफी, और दिन में 12 घंटे सतत बिजली आपूर्ति जैसी प्रमुख मांगों को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। जिला अध्यक्ष जगदीश दोड़के ने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार किसानों के खिलाफ तुगलकी फरमान जारी कर रहे हैं। इसी का विरोध करने के लिए मुलताई से तीन दिवसीय धरना आंदोलन की शुरुआत की जा रही है। बैठक में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कृष्णा ठाकरे, तहसील अध्यक्ष कृपाल सिंह सिसोदिया, जिला महामंत्री गुलाब देशमुख सहित चैन सिंह सिसोदिया, हेमराज देशमुख, कैलाश डोंगरदिए, प्रहलाद देउलकर, भागवत परिहार और अकलेश पवार उपस्थित रहे। बैठक के उपरांत समिति के नेताओं ने अनुविभागीय अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रमुख मांगें रखी गईं

Betul Samachar News: त्योहारों पर भी नही खुलता संकट मोचन हनुमान मंदिर का ताला

सोयाबीन और मक्का को एमएसपी से कम दाम पर खरीदने वाले व्यापारियों पर दंडात्मक कार्रवाई, फसल बीमा और अनावरी राहत राशि दिलाना, भावांतर योजना समाप्त कर सरकार द्वारा घोषित एमएसपी पर खरीदी करना, रबी फसलों के लिए दिन में 12 घंटे सतत बिजली आपूर्ति, अस्थाई कनेक्शन की सुविधा, स्मार्ट मीटर पर रोक, पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराना, किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करना, गलत गिरदावरी सुधारना और मंडियों में मक्का खरीदी पुनः शुरू कराना शामिल है।किसान संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने किसानों की इन मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा।

Leave a Comment