Betul Ki Khabar:- घोड़ाडोंगरी से महज आठ किलोमीटर दूर स्थित ग्राम फूल गोहना में नव-निर्मित गौशाला का गुरुवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ भव्य लोकार्पण किया गया। इस पावन अवसर पर श्रीधाम वृंदावन से पधारे यज्ञाचार्य पंडित रविशंकर पाराशर बबेले जी महाराज के कर-कमलों से गौशाला का उद्घाटन संपन्न हुआ।
इस अवसर पर धार्मिक आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब घोड़ाडोंगरी से सैकड़ों श्रद्धालु गौमाता के साथ पैदल यात्रा करते हुए फूलगोहन पहुंचे। पूरे मार्ग में भक्ति गीतों, जयघोष और ध्वज-पताकाओं से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
लोकार्पण समारोह के दौरान आचार्यों द्वारा विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना, , गौ-पूजन एवं आरती सम्पन्न कराई गई। गौशाला परिसर में विशेष पूजन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं एवं बुजुर्गों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।
कार्यक्रम में गौ-कथा वाचक दिलीप गर्ग एवं उनके परिवार द्वारा गौशाला निर्माण में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान की विशेष प्रशंसा की गई। साथ ही आयोजन समिति द्वारा सभी श्रद्धालुओं, सहयोगकर्ताओं एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

गौ कथा वाचक दिलीप गर्ग जी ने बताया कि नई गौशाला से क्षेत्र में बेसहारा व बीमार गौवंश के संरक्षण को मजबूती मिलेगी। इसके माध्यम से गौसेवा, गोसंरक्षण और गोसंवर्धन को एक संगठित मंच प्राप्त होगा।
गौ भक्त सुनील शर्मा ने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति की आधारशिला हैं और गौशाला का निर्माण सामाजिक चेतना एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
ग्रामीणों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से गौशाला के विकास की गति बनाएं रखने हेतु सहयोग की अपेक्षा भी जताई।
अंत में सामूहिक आरती एवं के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। श्रद्धालुओं ने गौसेवा के इस पुनीत कार्य में निरंतर सहयोग का संकल्प लेते हुए आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया।

