5 कुंडिय गायत्री महायज्ञ में राष्ट्र जागरण के संकल्प के साथ दी आहुतियाँ

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                                                 प्रज्ञा पुराण कथा में माता-पिता की सेवा को बताया जीवन का परम धर्म

Betul Local News/मुलताई:- ग्राम कामथ में आयोजित 5 कुंडिय गायत्री महायज्ञ में प्रतिदिन सैकड़ों साधक, भाई-बहन राष्ट्र जागरण, पर्यावरण संरक्षण और मानव कल्याण के संकल्प के साथ गायत्री महामंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र की आहुतियाँ समर्पित कर रहे हैं। वातावरण में उठ रही मंत्रध्वनि पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर रही है। कथा के दौरान पंडित धोटे ने जीवन मूल्यों, आदर्शों और परिवार की जिम्मेदारियों पर गहन प्रकाश डाला। जब तक बूढ़े माता-पिता की घर में सेवा नहीं होगी, तब तक घर में सुख-शांति नहीं मिल सकती। यदि माता-पिता के आंखों में आंसू होंगे, तो परिवार में कभी भी समृद्धि नहीं आ सकती। उन्होंने बताया कि कथा केवल सुनने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का मार्ग है। कथा का रस तत्व जब व्यवहार में उतारा जाता है, तभी जीवन में आमूलचूल परिवर्तन आता है। उन्होंने कहा कि लोगों के विचार बदलने हेतु गुरुदेव ने प्रज्ञा पुराण की रचना की, ताकि समाज से दूरबुद्धि का नाश हो और सद्बुद्धि की स्थापना हो। गायत्री परिवार के नारायण देशमुख ने बताया कि मनुष्य देवत्व की ओर बढ़े और धरती पर स्वर्गीय वातावरण का निर्माण हो—इस उद्देश्य से चल रहे 5 कुंडिय महायज्ञ में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण भाई-बहन भाग ले रहे हैं और कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं। महायज्ञ में विभिन्न संस्कार भी निःशुल्क संपन्न कराए जा रहे हैं, जिनमें पूजन, यज्ञोपवीत संस्कार, नामकरण, विद्यारंभ आदि शामिल हैं। गायत्री परिवार के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर प्रज्ञा पुराण कथा और महायज्ञ की पुण्यधारा का लाभ लेने का आग्रह किया है।

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