Betul Daily News/भैंसदेही/मनीष राठौर:- भैंसदेही शिक्षा प्रणाली में कसावट के लिए जिले के अधिकारी कितने भी प्रयास कर ले, लेकिन शिक्षकों के समय पर स्कूल पहुंचने की आदत में बदलाव नहीं ला पा रहे है। हालात यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षक देरी से पहुंचते है और जल्दी ही निकल जाते है। ऐसा ही मामला भैंसदेही विकासखंड के अंतर्गत आने वाले चिलकापुर संकुल के प्राथमिक शाला गुदगांव में देखा जा रहा है, जहां सोमवार को 11.30 बजे भी शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचे थे। शिक्षकों के अभाव में कक्षाएं भी खाली नजर आ रही थी। बच्चे स्कूल परिसर में घूम रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां पदस्थ शिक्षक वीरेंद्र हिरवेकर और रंजना उघड़े हमेशा स्कूल लेट पहुंचते है और छुट्टी से पहले ही घर के लिए लौट जाते है। जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। बता दे कि शासन-प्रशासन ने शिक्षकों के स्कूल टाइम में स्कूल पहुंचने के लिए कई बार निर्देश जारी किये। यहां तक की ऑनलाइन हाजरी लगाने की प्रक्रिया भी शुरू करवाई है, लेकिन इसके बाद भी स्कूल पहुंचने में शिक्षकों की लेटलतीफी पर विराम नहीं लग पा रहा है। जिसका परिणाम बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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इनका कहना –
मुझे आपके माध्यम से जानकारी लगी है विरेन्द्र हिरवेकर शिक्षक अभी सीएससी के प्रभार मे भी है हो सकता कही निरिक्षण करने गये हो लेकिन दुसरे शिक्षक ने समय पर पहुचना चाहिए अगर एसा हो रहा है तो गलत है कार्यवाही की जावेगी।
सुखदेव धोटे
बीआरसी जनपद शिक्षा केन्द्र भैसदेही

