Betul Samachar: शासन की लापरवाही से उद्गम पर ही विकास से उपेक्षित वर्धा नदी

By betultalk.com

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                                    कपिल मुनी की तपोभूमि खैरवानी वर्धा उद्गम पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन

Betul Samachar/मुलताई। महाराष्ट्र में विराट रूप धारण करने वाली वर्धा नदी मध्यप्रदेश में अपने उद्गम पर ही शासन की लापरवाही से उपेक्षित है। जिस नदी के नाम से वर्धा जिला बना हो उसका उद्गम मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की मुलताई तहसील के खैरवानी गांव में हैं। लेकिन अधिकांश लोगों को यह नहीं मालूम की खैरवानी वर्धा नदी का उद्‌गम स्थल है जिससे यह स्थान उपेक्षित पड़ा हुआ है। शासन द्वारा वर्धा उदगम के प्रचार प्रसार के लिए कोई प्रयास नही करने से खैरवानी गांव का विकास नही हो पाया। स्थिति यह है कि ना तो शासन द्वारा इसे पर्यटन के रूप में विकास करने पर विचार किया गया और ना ही गांव में वर्धा उद्गम के लिए कोई बोर्ड या संकेतक लगाए गए हैं। ग्रामीण मनोज बारंगे, दीपक पाठेकर, सुदामा बुवाड़े, बबलू पटेल, गणेश कास्लेकर, श्रीराम पंवार, जानू बुवाड़े तथा प्रदीप चौधरी ने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग से ही प्रतिवर्ष तीन दिवसीय आयोजन वर्धा नदी के उद्गम पर किया जाता है जिसमें शासन प्रशासन का कोई सहयोग नहीं होता। उन्होने बताया कि खैरवानी से निकलकर वर्धा नदी का विराट स्वरूप बनता है जो महाराष्ट्र को पोषित करता है। लेकिन नदी उद्‌गम पर ही उपेक्षित होने से अधिकांश लोगों को यह नही पता है। ग्रामीणों ने बताया कि उद्‌गम पर सभी के सहयोग से निर्माण कार्य किए गए हैं।

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मकर संक्रांति पर तीन दिवसीय आयोजन

ग्रामीणों ने बताया कि प्रतिवर्ष वर्धा उद्गम पर मकर संक्रांति पर्व पर तीन दिवसीय आयोजन संपन्न होते हैं तथा मेला लगता है। उन्होने बताया कि विगत 26 वर्षों से सतत तीन दिवसीय आयोजन किए जा रहे हैं जिसमें आसपास से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं तथा भंडारा प्रसादी ग्रहण करते हैं। ग्रामीणों ने मांग करते हुए कहा है कि छिंदवाड़ा मार्ग पर स्थित ग्राम खैरवानी पर मुख्य मार्ग से उद्गम स्थल तक पक्के मार्ग का निर्माण किया जाए साथ ही मार्ग के दोनों ओर प्रकाश की व्यवस्था की जाए। शासन द्वारा मुख्य मार्ग पर वर्धा उद्गम का बड़ा बोर्ड लगाया जाए ताकि छिंदवाड़ा मार्ग से गुजरने वाले लोग वर्धा उद्‌गम तक पहुंच सके तथा वहां वर्धा नदी के उद्‌गम स्थल के दर्शन कर सकें।

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