वीकली एक्सपायरी पर बाजार में उतार-चढ़ाव, फ्लैट ट्रेंड के साथ कारोबार
Stock Market Today:- मंगलवार को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन घरेलू शेयर बाजार ने कमजोरी के साथ शुरुआत की, हालांकि निचले स्तरों से रिकवरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 100 अंक और निफ्टी लगभग 30 अंक फिसलता नजर आया। दिनभर बाजार में न्यूट्रल ट्रेंड बना रहा।
सेक्टरल मोर्चे पर रियल्टी और आईटी इंडेक्स में लगातार दबाव दिखा, जबकि पीएसयू बैंक इंडेक्स में करीब 1 फीसदी की मजबूती दर्ज की गई। मेटल और एफएमसीजी शेयरों में भी खरीदारी का माहौल बना रहा।
निफ्टी 50 में SBI, Hindalco, ONGC, NTPC, Kotak Mahindra Bank, Tata Steel और JSW Steel में तेजी रही, जबकि Bajaj Finance, Eternal, Indigo, Wipro, Asian Paints और Apollo Hospitals जैसे शेयरों में कमजोरी देखने को मिली।
कमजोर शुरुआत
पिछले सत्र की क्लोजिंग के मुकाबले सेंसेक्स 39 अंक गिरकर 83,207 पर खुला। निफ्टी 5 अंक फिसलकर 25,580 पर और बैंक निफ्टी 40 अंक की गिरावट के साथ 59,851 पर ओपन हुआ। करेंसी मार्केट में रुपया 2 पैसे कमजोर होकर 90.93 प्रति डॉलर पर खुला।
ग्लोबल संकेत मिले-जुले
सोमवार की तेज गिरावट के बाद आज भी वैश्विक संकेत पूरी तरह सकारात्मक नहीं रहे। जहां सोना और चांदी ने नए रिकॉर्ड बनाकर सुरक्षित निवेश की ओर रुझान दिखाया, वहीं अमेरिकी फ्यूचर्स में कमजोरी और FIIs की लगातार बिकवाली से इक्विटी बाजार पर दबाव बना हुआ है। आज नतीजों, ब्लॉक डील्स और IPO गतिविधियों के चलते स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन ज्यादा देखने को मिल सकता है।
आज के बाजार के लिए अहम ट्रिगर्स
🔹 GIFT निफ्टी फ्लैट, US फ्यूचर्स दबाव में
GIFT निफ्टी 25,600 के आसपास सपाट बना हुआ है, जिससे घरेलू बाजार की शुरुआत फ्लैट रहने के संकेत मिलते हैं। डाओ फ्यूचर्स करीब 400 अंकों की गिरावट में हैं। अमेरिकी बाजार भले ही कल बंद रहे हों, लेकिन फ्यूचर्स की कमजोरी ग्लोबल सेंटिमेंट को निगेटिव बना रही है।
🔹 ट्रंप के बयान से बढ़ा जियोपॉलिटिकल रिस्क
डोनाल्ड ट्रंप ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री को नोबेल पुरस्कार को लेकर नाराजगी जताते हुए बयान दिया है। साथ ही ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की मांग दोहराई है। ऐसे बयानों से वैश्विक स्तर पर जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ने की आशंका है, जिससे बाजारों में वोलैटिलिटी आ सकती है।
🔹 FIIs की बिकवाली जारी, DIIs बने सहारा
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगातार 10वें दिन बिकवाली करते हुए करीब 5,488 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने रिकॉर्ड 99वें दिन भी खरीदारी जारी रखी और करीब 4,200 करोड़ रुपये बाजार में लगाए। मौजूदा हालात में बाजार को DIIs का मजबूत सपोर्ट मिल रहा है।
🔹 सोना-चांदी नए रिकॉर्ड पर
घरेलू बाजार में चांदी ने करीब 22,500 रुपये की छलांग लगाते हुए 3,10,944 रुपये प्रति किलो का लाइफटाइम हाई बनाया। सोना भी करीब 3,100 रुपये चढ़कर 1,45,770 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी 95 डॉलर के करीब ऑल-टाइम हाई पर बनी हुई है।
🔹 डॉलर में नरमी, मेटल्स चमके
डॉलर में कमजोरी के चलते बेस मेटल्स में मजबूती देखने को मिली। कॉपर, एल्युमिनियम, निकेल, लेड और जिंक में 1 से 2.5 फीसदी तक की तेजी रही। कच्चा तेल 64 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर बना हुआ है। इससे मेटल शेयरों में चुनिंदा खरीदारी संभव है।
🔹 नतीजों पर रहेगी नजर
LTIMindtree के बेहतर नतीजों से आईटी शेयरों में सीमित मजबूती देखने को मिल सकती है। Havells के नतीजे मिले-जुले रहे, जबकि Oberoi Realty का प्रदर्शन उम्मीद से कमजोर रहा है, जिससे रियल्टी सेक्टर दबाव में रह सकता है। आज AU Small Finance Bank, Persistent Systems, United Spirits और SRF अपने नतीजे पेश करेंगे।
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🔹 TRAI की नई पहल
TRAI ने बड़ी इमारतों में नेटवर्क क्वालिटी सुधारने के लिए डिजिटल कनेक्टिविटी स्टार रेटिंग सिस्टम लाने का ऐलान किया है। इससे उपभोक्ताओं को यह जानने में मदद मिलेगी कि किसी बिल्डिंग में नेटवर्क कितना मजबूत है। इसका असर आगे चलकर टेलीकॉम और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर दिख सकता है।
🔹 Aditya Birla Group में ब्लॉक डील
आज Aditya Birla Lifestyle और ABFRL में ब्लॉक डील संभव है। एक संस्थागत निवेशक करीब 3 फीसदी हिस्सेदारी साढ़े आठ फीसदी डिस्काउंट पर बेच सकता है। इससे इन शेयरों में इंट्राडे वोलैटिलिटी रह सकती है।
🔹 Shadowfax IPO आज से ओपन
Shadowfax Technologies का IPO आज खुल रहा है। इसका प्राइस बैंड 118–124 रुपये तय किया गया है। लॉजिस्टिक्स और लास्ट-माइल डिलीवरी सेक्टर में दिलचस्पी रखने वाले निवेशकों की नजर इस इश्यू पर बनी रहेगी।
🔹 NBFCs पर RBI की सख्ती
RBI ने प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग से जुड़े नियमों को और सख्त किया है। अब NBFCs, MFIs और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को एक्सटर्नल ऑडिटर सर्टिफिकेट देना अनिवार्य होगा। इससे फाइनेंशियल सेक्टर में गवर्नेंस और पारदर्शिता मजबूत होने की उम्मीद है।

