एएसएफ के जवान की हत्या की सुलझी गुत्थी, हत्यारे सहित सहआरोपी पकड़ाया
Crime News/मुलताई। विगत दिनों हुई एएसएफ के जवान की हत्या की गुत्थी अंततः पुलिस ने सुलझा ली है जिसमें हत्या का कारण विवाद होना बताया जा रहा है। पुलिस ने हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार मृतक एएसएफ के जवान और आरोपित की कामथ स्थित ढाबे पर पहचान हुई इसके बाद तीन से चार जगह दोनों ने जमकर शराब पी जिसके बाद सुनसान जगह जाने के बाद शराब के नशे में विवाद हुआ तो आरोपित ने एएसएफ के जवान की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार मृतक रंजीत सिंह पिता जमेदार सरेयाम 45 वर्ष निवासी हरैई थाना चौरई जिला छिंदवाड़ा आठवीं बटालियन विशेष सशस्त्र बल छिंदवाड़ा में पदस्थ था जिसकी तैनाती ई कंपनी उमरिया में थी। पुलिस के अनुसार मृतक रंजीत सिंह का शव फोरलेन के पास हरदौली मोक्षधाम के नाले में मिला था जिसमें पत्थर सिर पर मारकर उसकी हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने बताया कि जांच में पाया गया कि सुदामा पिंजारे निवासी डहुआ ढाना द्वारा मृतक के वाहन एवं अन्य कीमती सामान पर नियत खराब कर लूट के उद्देश्य से मौका पाकर पत्थर से सिर कुचलकर निर्मम हत्या कर दी गई तथा साक्ष्य छिपाने की नियत से शव को नाले में फेंक दिया गया। बताया जा रहा है कि हत्या के पूर्व शराब के नशे में घटना स्थल पर विवाद हुआ था।
ढाबों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से मिला सुराग
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान ढाबों पर लगे सीसीटीवी कैमरों में मृतक के साथ बाईक पर एक अन्य व्यक्ति दिखाई दिया जो सुदामा पिंजारे था जिसे कामथ रोड से घेराबंदी करें पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपित सुदामा ने हत्या एवं लूट की वारदात को स्वीकार किया गया। जांच में यह पाया गया कि आरोपित सुदामा द्वारा हत्या के बाद रामदयाल उर्फ बबलू पिता स्व. नत्थू खवसे निवासी परमंडल द्वारा भी हत्या के साक्ष्य छिपाने में सहयोग किया गया जिसे भी सहआरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपितों को मंगलवार कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हे जेल भेज दिया गया।
BETUL NEWS- घोड़ाडोंगरी मार्ग पर ब्रेकर और स्टाफपर को लेकर दिया ज्ञापन
मृतक की बाईक छिपाकर 1 लाख 15 हजार का सामान लूटा
पुलिस के अनुसार आरोपित सुदामा पिंजारे द्वारा हत्या के बाद बैतूल फोरलेन के पास स्थित एक ढाबे के पास बाईक छिपा दी गई तथा 1 लाख 15 हजार मूल्य का सामान लूट लिया गया। मृतक के शव की शिनाख्त उसकी पत्नी द्वारा मृतक की वर्दी, नेम प्लेट के आधार पर की गई थी। पुलिस ने बताया कि मृतक एवं आरोपित की पहचान कामथ के एक ढाबे पर हुई थी जहां दोनों ने शराब पी इसके बाद दोनों ने तीन स्थानों पर शराब पीने के बाद आरोपित सुदामा की नीयत बदल गई तथा वह लूट के उद्देश्य से एएसएफ के जवान को और अधिक शराब पिलाने के लिए फोरलेन के पास हरदौली मोक्षधाम ले गया जहां भी वे शराब पीने वाले थे लेकिन नशे में बाईक गिरने से दोनों में विवाद हो गया जिस पर आरोपित सुदामा ने एएसएफ के जवान रंजीत की हत्या कर दी। इसके बाद आरोपित सुदामा ने बाईक को फोरलेन पर स्थित ढाबे के पास खड़ी करके सामान लेकर चला गया।
पुलिस ने जब्त की बाईक सहित सामग्री
पुलिस ने पूरे मामले में मृतक एवं आरोपित की मोटर साइकिल तथा साक्ष्य छिपाने में सहयोग करने वाले आरोपित के रिश्तेदार रामदयाल की मोटर साइकिल, मृतक का बैग, पर्स, मोबाईल सहित घरेलू सामान से भरी बोरी जब्त की गई। उक्त कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी, एसडीओपी एसके सिंह, थाना प्रभारी नरेन्द्र सिंह परिहार, निरीक्षक आबिद अंसारी, राधेश्याम वट्टी, सीन आफ क्राइम एक्सपर्ट आम्रपाली डाहट, उपनिरिक्षकों, प्रधान आरक्षकों एवं आरक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही जिससे ससे जघन्य हत्याकांड का पर्दाफाश हो सका।

