पुलिस ने बैठक लेकर किया ग्रामीणों को अपराधिक गतिविधियों के खिलाफ सजग
BETUL NEWS/मुलताई। मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र सीमा पर बसे सालबर्डी शिवधाम क्षेत्र में प्रतिवर्ष महाशिवरात्री पर्व पर विशाल मेला लगता है जिसमें दोनों ही प्रदेशों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शनार्थ उमड़ते हैं। मेले में भारी भीड़ उमड़ने से असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं जहां वे अपराधिक गतिविधियों को भी अंजाम देने से नही चूकते। सीमा पर स्थित होने से मेले के दौरान अवैध शराब, कच्ची शराब की बिक्री सहित अन्य अवैध कार्य बढ़ जाते हैं जिसके लिए प्रतिवर्ष पूर्व से ही पुलिस प्रशासन असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए सक्रिय हो जाता है। इस वर्ष पुलिस द्वारा मेले के एक सप्ताह पूर्व से ही गांव में शांति समिति की बैठक लेकर ग्रामीणों को अपराधिक गतिविधियों के खिलाफ सजग रहने तथा असामाजिक तत्वों पर नजर रखने की समझाईश दी गई है ताकि धार्मिक मेले की पवित्रता प्रभावित ना हो सके। थाना प्रभारी नरेन्द्र सिंह परिहार ने बताया कि असमाजिक एवं अपराधिक तत्वों सिर्फ पुलिस प्रशासन की निगरानी ही पर्याप्त नही है इसके लिए मेला क्षेत्र के आसपास के गांवों के ग्रामीणों को भी जागरूक होना आवश्यक है ताकि असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने में पुलिस प्रशासन को सहयोग मिल सके। उन्होने बताया कि पंचायत स्तर पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया गया है साथ ही ग्रामों के युवाओं को सजग होकर बाहरी तत्वों पर भी नजर रखने का कहा गया है। कहीं कोई अप्रिय घटना होने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने का कहा गया है। इसके साथ ही ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों को भी पूरी सक्रियता से पुलिस का सहयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। थाना प्रभारी परिहार ने बताया कि यदि असामाजिक तत्वों तथा अपराधिक घटनाओं के खिलाफ आम जन भी जागरूक हो जाए तो बहुत कुछ हद तक घटनाओं पर अंकुश लग सकता है।
धार्मिक मेले में होती है चोरी छिपे अवैध शराब की बिक्री
बैतूल जिले एवं महाराष्ट्र की सीमा पर बसा होने के कारण दोनों ही प्रदेशों के असामाजिक तत्व अवैध शराब बेचने के लिए सक्रिय हो जाते हैं तथा प्रतिबंध के बावजूद जमकर हमेश शराब की अवैध बिक्री होती है जिससे कारण पूर्व में कई घटनाएं हो चुकी है। बताया जा रहा है कि ग्रामीण अंचलों में तथा सालबर्डी क्षेत्र के घने जंगलों में पूर्व से ही कच्ची शराब निर्माण का कार्य प्रारंभ हो जाता है जिसका पहले से ही बिक्री के लिए स्टाक करके रख लिया जाता है। पूर्व में कई बार आबकारी विभाग द्वारा घने जंगलों में दबिश देकर स्टाक की गई कच्ची शराब नष्ट की गई है। इधर बताया जा रहा है कि सालबर्डी मेले में बड़ी संख्या में लोग चोरी छिपे शराब बिक्री करते हैं जिससे मेले का माहौल खराब होता है। थाना प्रभारी नरेन्द्र सिंह परिहार के अनुसार मेले में व्यवस्थाएं चाक चौबंद रखी जाएगी तथा किसी भी स्थिति में अवैध रूप से शराब की बिक्री नही होने दी जाएगी ताकि धार्मिक मेले की पवित्रता एवं गरीमा कायम रह सके।
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दो भागों में विभाजित रहता है मेला
सालबर्डी गांव के आसपास पहाड़ी क्षेत्र एवं घना जंगल स्थित है जहां पहाड़ की गुफा में शिव लिंग स्थापित है। वर्षों से महाशिवरात्री पर एक सप्ताह तक चलने वाला विशाल मेला लगता है। मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र को वहां स्थित नदी विभाजित करती है जिससे नदी के दोनों ओर मेला लगता है जिसमें एक तरफ बैतूल जिले की सीमा है तो दूसरी तरफ महाराष्ट्र की सीमा है। ऐसी स्थिति में मेला दो भागों में विभाजित रहता है जिसके कारण असामाजिक तत्व सक्रिय रहते हैं। हालांकि दूसरी ओर महाराष्ट्र पुलिस तैनात रहती है इसके बावजूद विभाजित मेले का अवैध रूप से फायदा उठाने के लिए दोनों ही प्रदेशों से असामाजिक तत्व सक्रिय रहते हैं। इसके लिए पूर्व से ही दोनों प्रदेशों से पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक आहुत कर अवैध कार्यों की लगाम कसने की तैयारी की जाती है।

