BETUL NEWS/चिचोली। प्रस्तावित यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) कानून के विरोध में सवर्ण समाज चिचोली द्वारा राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर कानून को निरस्त करने की मांग की गई। सवर्ण समाज ने इसे उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए हानिकारक बताते हुए पुनर्विचार की आवश्यकता जताई।
सवर्ण समाज के सदस्य नगर के बाजार चौक पर एकत्रित होकर हाथों में यूजीसी तखत्तिया लेकर काला कानून रद्द करो और नारेबाजी करते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे और “यूजीसी काला कानून रद्द करो” के नारे लगाए। इसके पश्चात उन्होंने तहसीलदार पी एस दीवान को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि प्रस्तावित यूजीसी कानून से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है तथा शैक्षणिक निर्णयों में अत्यधिक केंद्रीकरण की आशंका है। समाज के वक्ताओ ने कहा कि इस प्रकार का कानून शिक्षा व्यवस्था की लोकतांत्रिक संरचना और समानता के सिद्धांतों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
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सवर्ण समाज ने मांग की कि इस विषय की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित कानून को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए तथा किसी भी नए प्रावधान पर निर्णय लेने से पूर्व शिक्षाविदों, राज्य सरकारों, छात्रों और विशेषज्ञों से व्यापक परामर्श किया जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान सवर्ण समाज के विजय सिंह राजपूत प्रमोद शुक्ला राजेंद्र दुबे ,सन्नी जैन ,संदीप जैन अंकित सिंह विनोद जैन आकाश जैन अरविंद जैन राहुल सिंह चौहान प्रदीप जैन ,एस डी दुबे निखिल जैन प्रशांत ठाकुर आशीष ठाकुर शैलेंद्र सिंह पंकज जैन सुनील जैन गोलू जैन अमित देशपांडे अनुपम जैन अरविंद जैन लकी मिश्रा सतीश शुक्ला तेज बहादुर प्रकाश जैन ,आकाश जैन, निखिल जैन नमन जैन मनीष जैन बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग मौजूद रहे

