Betul Ki Khabar/चिचोली। पूरे मध्यप्रदेश में प्रसिद्ध तप श्री बाबा आश्रम प्रांगण में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के अंतर्गत सोमवार को कथा व्यास पंडित आशीष दुबे ने सातवें दिन भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। सातवें दिन की कथा में विशेष रूप से भगवान श्रीकृष्ण के द्वारका गमन, भक्तों के प्रति उनकी करुणा तथा धर्म स्थापना के उद्देश्य का विस्तार से वर्णन किया गया। पंडित दुबे जी ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, प्रेम, त्याग और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला दिव्य मार्गदर्शन है।
उन्होंने सुदामा चरित्र का मार्मिक प्रसंग सुनाते हुए सच्ची मित्रता और निष्काम भक्ति का महत्व समझाया। साथ ही श्रीकृष्ण के उपदेशों के माध्यम से जीवन में सत्कर्म, संयम और भगवान के प्रति अटूट विश्वास रखने का संदेश दिया। भजन-कीर्तन और ‘राधे-श्याम’ के जयघोष से आश्रम परिसर का वातावरण भक्तिमय हो गया।

इधर मंगलवार को आयोजित होने वाले विशाल भंडारे की तैयारियां जोरो पर है । यह भंडारा पूरे जिले में विशेष पहचान रखता है। इसकी तैयारी कई दिनों पूर्व से प्रारंभ हो जाती है। एक दिन पहले से पारंपरिक भट्टी में विशाल कढ़ाइयों में पूड़ियां तैयार की जा रही हैं, वहीं प्रसाद एक दिन पूर्व से बनना शुरू हो जाता है।
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परंपरा अनुसार इस भंडारे में जिले नगर सहित सैकड़ो गांव से अधिक श्रद्धालु पंक्तिबद्ध बैठकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा, बैठक व्यवस्था, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
विशेष बात यह है कि यहां पर्यावरण संरक्षण का भी पूरा ध्यान रखा जाता है। औषधीय गुणों वाले वृक्षों के पत्तों से बनी पारंपरिक पत्तलों पर श्रद्धालुओं को भोजन परोसा जाता है, जिससे स्वच्छता के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश भी दिया जाता है।


