BETUL NEWS: बिना परिषद की स्वीकृति के सीएमओ ने की झूलों की जगह की नीलामी

By betultalk.com

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                                             10 लाख की वसूली बाकि रहने पर भड़के नगर पालिका के जनप्रतिनिधि

BETUL NEWS/मुलताई। ताप्ती मेले में बिना परिषद की स्वीकृति के सीएमओ द्वारा झूलों की जगह की नीलामी तथा वसूली में लापरवाही का मुद्दा बुधवार आयोजित बैठक में जमकर गरमाया। नगर पालिका अध्यक्ष वर्षा गढ़ेकर, उपाध्यक्ष शिव माहोरे, सभापति एवं पार्षदों के द्वारा एकजुट होकर सीएमओ विरेन्द्र तिवारी से बाकि 10 लाख की राशि वसूल करके नगर पालिका में जमा करने का कहा। नपाध्यक्ष वर्षा गढ़ेकर तथा उपाध्यक्ष शिव माहोरे ने कहा कि मेले में झूलों की नीलामी की गई लेकिन झूला संचालकों से बाकि 10 लाख की वसूली नही की गई उन्होने कहा कि यदि वसूली नही हुई तो सीएमओ साहब आप को यह राशि जमा करना पड़ेगा जिस पर सीएमओ विरेन्द्र तिवारी ने कहा कि शीघ्र ही वे झूला संचालकों से वसूली करेंगे। इस पर जनप्रतिनिधियों के द्वारा उन्हे 15 दिन का समय वसूली के लिए दिया गया है। गौरतलब है कि मेले में जहां दुकानों को 10 रूपए स्क्वेयर फीट से जगह दी गई थी वहीं झूलों की जगह की नीलामी कराई गई थी जिससे उक्त जगह लगभग चार गुना अधिक दर पर झूला संचालकों को दी गई। इसके बाद मेला समाप्ति के समय झूला संचालकों द्वारा वसूली की राशि जमा करने में आनाकानी की जा रही थी जिस पर सीएमओ द्वारा झूलों के सामान की जब्ती भी बनाई गई थी। लेकिन बाद में पूरी राशि की वसूली नही होने के बावजूद झूलों को जाने दिया गया जिस पर नपाध्यक्ष वर्षा गढ़ेकर, उपाध्यक्ष शिव माहोरे, सभापति अजय यादव, पार्षद अंजली शिवहरे एवं सुरेश पौनीकर सहित अन्य सभापति एवं पार्षदों द्वारा आपत्ति जताते हुए इसे नियम विरूद्ध बताया तथा सीएमओ से शीघ्र बाकि 10 लाख की वसूली करने का कहा गया है।

वसूली में गोलमाल की आशंका

मेले में झूला संचालकों से पूरी वसूली नही करने एवं बिना राशि की वसूली के लिए जब्त झूलों को छोड़ने के मामले में उपाध्यक्ष शिव माहोरे, पार्षद अंजली शिवहरे का कहना है कि वसूली करने में लापरवाही की गई है तथा वसूली में गोलमाल की आशंका है। उन्होने बताया कि झूला संचालकों से सिर्फ एक माह की ही वसूली की गई जबकि अन्य दुकानदारों से डेढ़ माह से अधिक की वसूली की गई इसके बावजूद झूला संचालकों से बिना पूरी राशि वसूले उन्हे जाने दिया गया जो संदिग्ध लग रहा है। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इस वर्ष मेला डेढ़ से दो माह तक चला है जिससे झूला संचालकों से खासी राशि वसूली जा सकती थी लेकिन सिर्फ एक माह की वसूली में भी 10 लाख की राशि बाकि होने के बावजूद झूला संचालकों को जाने देने से नगर पालिका को आर्थिक क्षति हुई है जिसका खामियाजा जिम्मेदार को भोगना होगा।

किराएदारों से सख्ती झूला संचालकों पर मेहरबानी

पूरे मामले में कांग्रेस नेता सुमीत शिवहरे ने बताया कि एक तरफ सीएमओ विरेन्द्र तिवारी बिना नोटिस के बस स्टेंड के दुकानदारों से 10 से 20 हजार रूपए बाकि रहने पर दुकानों को सील कर रहे हैं वहीं मेले में झूला संचालकों पर 10 लाख की वसूली बाकि है। उन्होने कहा कि यह मेहरबानी किस लिए है इसकी जांच होना आवश्यक है। उन्होने बताया कि झूलों को जब्त करने के बाद बिना वसूली के छोड़ना कई सवाल खड़े कर रहा है कि आखिर बिना वसूली के कैसे जब्त झूले छोड़े गए। उन्होने कहा कि सीएमओ द्वारा वर्षों से किराया जमा कर रहे बसस्टेंड के व्यापारियों की दुकानें सील कर उन्हे रोजगार से वंचित किया जा रहा है वहीं बाहर के झूला संचालकों को बिना वसूली के छोड़ा जा रहा है जो दोहरा मापदंड है तथा सीएमओ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

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