मुलताई एवं बैतूल के बाद सात गांवों के लगभग डेढ़ सैकड़ा किसानों ने भोपाल में किया प्रदर्शन
Betul News/मुलताई। किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई वर्धा जलाशय योजना के लाभ से आसपास के गांवों के किसान ही वंचित हैं तथा लंबे समय से मांग करने के बावजूद पानी उपलब्ध नही कराया जा रहा है। जबकि जल संसाधन विभाग द्वारा नियम विरूद्ध एक निजी प्लांट आईजी बेरीज को लगातार जलाशय से पानी दिया जा रहा है जिससे किसानों में भारी रोष व्याप्त है। पूर्व में मुलताई तथा बैतूल में प्रदर्शन के बाद मांग पूरी नही होने पर अब सात गांव के लगभग डेढ़ सैकड़ा किसानों ने भोपाल जाकर प्रदर्शन करके संबन्धित मंत्री के समक्ष अपनी मांगों को रखा गया है। जनपद सदस्य अजय बारस्कर, अनवर पटेल, शुभम बारस्कर, राकेश गावंडे, जयदीप धोटे, युवराज बारस्कर, रत्नाकर देशमुख, निलेश बारंगे सहित बड़ी संख्या में किसानों ने बताया कि गोपाल तलाई, खरसाली, चौथिया, जामगांव, सोनोली आदि गांवों में सिंचाई के कोई साधन नही होने के कारण किसानों की हजारों एकड़ भूमि असिंचित है। इन गांवों को वर्धा जलाशय के निर्माण से यह आस थी कि अब उनकी असिंचित भूमि सिंचित हो जाएगी। लेकिन उक्त गांवों के किसानों के साथ भेदभाव करते हुए नहर से ही वंचित कर दिया गया किस ने बताया कि लगातार प्रदर्शन धरना आदि के बावजूद शासन प्रशासन मांग सुनने को तैयार नही है।
जल संसाधन मंत्री ने नही दिया संतोषप्रद जवाब
किसानों ने बताया कि प्रदर्शन करने भोपाल पहुंचे किसानों को जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावटद्वारा भी संतोष प्रद जवाब नही दिया गया है। उन्होने बताया कि मंत्री द्वारा भी जलाशय में पानी नही होना बताया गया है। जबकि स्थिति यह है कि सात गांवों के किसान वर्ष 2019 से पानी की मांग कर रहे हैं और वर्ष 2024 में निजी प्लांट आईजी बेरीज से जल संसाधन विभाग के द्वारा पानी देने के लिए अनुबंध किया गया। किसानों ने बताया कि अधिकारियों की लापरवाही से उक्त गांवों के किसानों को कमांड एरिया के बाहर कर दिया गया वहीं नहर का पानी तीन किलोमीटर दूर के गांवों को छोड़कर 40 किलोमीटर दूर के गांवों को दिया जा रहा है।

Read Also: सड़क निर्माण से उड़ रही धूल, 18Km मार्ग पर राहगीरों और ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
किसानों ने भोपाल में किया धरना प्रदर्शन
नहर के पानी से वंचित क्षेत्र के किसानों ने बताया कि वे लगातार पानी के लिए अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। पूर्व में मुलताई में कई बार तहसील कार्यालय में प्रदर्शन कर चुके हैं जिसके बाद जिला मुख्यालय पर भी प्रदर्शन किया इसके बावजूद उनकी मांगों को नही सुना जा रहा है। उन्होने बताया कि अब भोपाल में जाकर प्रदर्शन किया गया है जिससे शासन प्रशासन को यह समझ जाना चाहिए कि किसानों को पानी की कितनी आवश्यकता है इसके बावजूद किसानों को पानी के लिए परेशान किया जा रहा है जिससे किसान आर्थिक रूप से भी प्रभावित हो रहे हैं।
निजी प्लांट पर मेहरबानी, उठे सवाल
जनपद सदस्य अजय बारस्कर ने बताया कि किसानों के लिए बनाए वर्धा बांध का लाभ किसानों की जगह एक निजी प्लांट को दिया जा रहा है जिससे किसान पानी से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूरे मामले में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत लग रही है जिससे पूरा लाभ एक निजी कंपनी उठा रही है। किसानों ने बताया कि यदि मांगे पूरी नहीं की गई तो भविष्य में बड़े स्तर का प्रदर्शन करेंगे और अपने हक का पानी वे लेकर रहेंगे।

