ताप्ती सरोवर सहित सात कुंडों में किया स्नान ध्यान, पंडितों ने रूद्राभिषेक हवन एवं पूजन कराया
Betul Daily News/मुलताई। मां ताप्ती की पवित्र नगरी मुलताई में हिंदू विधि विधान एवं मंत्रोच्चार के बीच मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र से पहुंचे लगभग 50 से अधिक किन्नरों का घर वापसी संस्कार कराया गया। इस दौरान किन्नरों ने ताप्ती सरोवर सहित सात कुंडों में स्नान किया जिसके बाद पंडितों द्वारा रूद्राभिषेक, हवन एवं पूजन के साथ किन्नरों को वापस हिंदू धर्म में प्रवेश कराया। नगर के मध्य स्थित लान में हिंदू राष्ट्रीय हिंदू सेना के द्वारा भव्य आयोजन कराया गया जिसमें किन्नर अखाड़े के संस्थापक स्वामी अजय दास ऋषि, जगद्गुरू काजल ठाकुर, महामंडलेश्वर प्रभा पटेल, महामंडलेश्वर रानी ठाकुर, जगद्गुरूमां संजना, मंडलेश्वर नकुसा, मंडलेश्वर मंजू शर्मा, मंडलेश्वर प्रभा, मंडलेश्वर नानू, मंडलेश्वर राधा, भगवा पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष शिवकुमार, महाकाल संगठन भोपाल पिक्कू भवानी सहित विभिन्न जिलों के साधू संत उपस्थित रहे। आयोजन में अमरावती, पांढूर्णा, नागपूर, छिंदवाड़ा, सिवनी वरूड़, बैतूल सहित अन्य जिलों से बड़ी संख्या में किन्नर पहुंचे जिनकी विधि विधान से हिंदू संस्कारों के साथ घर वापसी कराई गई। इस अवसर पर मुख्य मार्ग पर स्थित महाकाली मंदिर और ताप्ती तट स्थित ताप्ती मंदिर मंदिर में किन्नर अखाड़े के द्वारा घंटा भेंट किया गया। घर वापसी संस्कार के बाद किन्नर लान से ढोल ढमाके के साथ नाचते गाते निकले तथा महाकाली एवं ताप्ती मंदिर पहुंचे।
सरोवर सहित सात कुंडों में किया स्नान
किन्नर समाज के सदस्यों द्वारा घर वापसी संस्कार के पूर्व ताप्ती सरोवर सहित पवित्र सात कुंडों में विधि विधान से स्नान किया। इसके बाद मां ताप्ती के पावन जल से किन्नरों का शुद्धीकरण किया गया। इस दौरान मां ताप्ती मंदिर में विशेष पूजन पाठ किया गया। राष्ट्रीय हिंदू सेना के प्रदेशाध्यक्ष दीपक मालवीय के अनुसार कुछ तत्वों के द्वारा किन्नरों को बरगलाकर अन्य धर्मों की ओर मोड़ा गया था लेकिन समय रहते हिंदू सेना द्वारा इस कड़ी को तोड़ते हुए सभी किन्नरों से सामंज्यस स्थापित कर वापस हिंदू धर्म से जोड़ा गया है जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
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समाज में सांस्कृतिक चेतना का प्रयास करेंगे किन्नर
आयोजन में जगद्गुरू काजल ठाकुर, महामंडलेश्वर प्रभा पटेल तथा महामंडलेश्वर रानी ठाकुर ने बताया कि यह हिंदू धर्म की गौरवपूर्ण उपलब्धि है जिसके तहत किन्नरों की घर वापसी कराई गई है। अब किन्नर समाज में सांस्कृतिक एवं अध्यात्मिक चेतना का प्रयास करते हुए जन जन को जागरूक करेंगें। उन्होने कहा कि सृष्टि की प्रथम नदी मां ताप्ती के तट पर यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम संपन्न हुआ है जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होने कहा कि किन्नरों द्वारा गौ संरक्षण तथा जन जागरण के लिए भी सतत कार्य किए जाएंगे। किन्नर अखाड़े के संस्थापक स्वामी अजय दास ऋषि ने बताया कि यहि अभियान सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नही वरन किन्नर समाज की सांस्कृति चेतना एवं आत्मगौरव जगाने का प्रयास है।

