खसरा नंबर 242 की जमीन का हुआ सीमांकन
Betul Daily News/मुलताई। सूर्यपुत्री माँ ताप्ती नदी के सीमांकन को लेकर चल रही प्रक्रिया के अंतर्गत गुरुवार को राजस्व विभाग द्वारा पुनः मौका जांच की गई। उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2025 में माँ ताप्ती नदी का सीमांकन किया गया था, किन्तु सरोवर से लगे नदी के मूल प्रवाह मार्ग का कुछ भाग अन्य व्यक्तियों के नाम दर्ज होने के कारण सीमांकन की प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पाई थी। गुरुवार को राजस्व विभाग के आरआई एवं पटवारी द्वारा मौके पर पहुंचकर संबंधित भूमि का निरीक्षण एवं नपाई की गई। जांच के दौरान पाया गया कि नदी का संबंधित भाग वास्तव में खसरा नंबर 560 में समाहित है। राजस्व अभिलेखों के अनुसार खसरा नंबर 242 ताप्ती नदी के नाम से वर्ष 1917-18 के रिकॉर्ड में दर्ज पाया गया है, जो वर्ष 1954 के आसपास 242/1, 242/2 एवं 242/3 तीन भागों में विभाजित हो गया था, जबकि मूल रूप से खसरा नंबर 242 पूर्णतः नदी के नाम दर्ज था।
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ताप्ती भक्त दिनेश कलभोर और गोलू उघड़े द्वारा आवेदन दिए जाने के बाद नगर सीमा क्षेत्र में लगभग 7 किलोमीटर क्षेत्र में ताप्ती नदी का सीमांकन किया गया था। इसी क्रम में खसरा नंबर 242 की जमीन का मौका निरीक्षण किया गया, जिसमें लगभग 10 डिसमिल भूमि अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज पाई गई। राजस्व अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों का अवलोकन, स्थल नपाई तथा पंचनामा तैयार किया गया है। गठित दल द्वारा इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई जिसके आधार पर आगे वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

