अधिकारी मौन ज्वाबदार कौन
Betul Daily News/घोड़ाडोंगरी :- घोड़ाडोंगरी मेन रोड जो कि बरेठा से सारणी मुख्य मार्ग है जो परासिया से भोपाल जाने राज्यमार्ग को जोड़ता भी है घोड़ाडोंगरी नगर का प्रमुख व्यवसायिक इलाका भी है इसलिए घोड़ाडोंगरी नगर के अंदर से फोर लाइन रोड का निर्माण किया गया था पर स्थानीय लोगो द्वारा दोनो साइड एक एक साइड अतिक्रमण कर रखा है ऐसा बताया गया पुलिस चौकी में जब वहां के नये थाना प्रभारी द्वारा शांति समिति की बैठक बुलाई गई स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा किसी ने भी उन बैंको द्वारा जो बिना पार्किंग के बैंक की बिल्डिंग किराये से लेकर रोड पर एक लाइन पार्किंग बना बैठे है जिससे अधिकतर जाम लगने की स्थिति पैदा होती है उनकी चर्चा तक नही की वही नगर की एक बड़ी बैंक तो तीस मीटर रेलवे क्रॉसिंग के पास है रेलवे गेट खुलने एवं बंद होने एवं बैंक की पार्किंग न होने की वजह से जाम लग जाता है कई दुर्घटना भी हो चुकी ओर आगे भी एक डर बना रहता है कि कोई बड़ी दुर्घटना यहां हो न जाये वही भारत की एक ओर बड़ी बैंक की शाखा घोड़ाडोंगरी में कुछ समय पहले ही खुली है जिसकी शर्तो में भी पांच सौ वर्ग फुट की पार्किग थी और उसकी दीवार से लगी एक बैंक और स्तित है जिसमे हमेशा ग्राहकों की संख्या बनी रहती है पर दोनों के पास पार्किंग नही अब पार्किंग हाइवे स्तित रोड पर ही होगी फिर ऐसे में दुर्घटनाओं पर अंकुश कैसे लगा पाओगे जब एक साइड की रोड पार्किंग के लिये इस्तेमाल बैंक में आये अधिकारी एवं वहां आये ग्राहक करते है।
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कोई बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा नगर घोड़ाडोंगरी
नेशनल हाईवे को जोड़ने वाला रोड पर बैंक की पार्किंग न होना से रोज रोड पर कई मोटरसाइकिल फोर वीलर गाड़िया खड़ी हो जाती है जिसकी वजह से बड़ी दुघर्टना होती तो उड़के लिये जिम्मेदार कौन नगर परिषद के अधिकारी जिन्होंने उन बैंको को परमिशन दी बैंक खोलने की जिनके बिना एनओसी के शाखा खोली नही जा सकती है या पुलिस विभाग के अधिकारी इन पर कोई कार्यवाही नही करते या तहसील विभाग के राजस्व विभाग जिनका रोज वहां से आना जाना करते है पर आज तक कोई कार्यवाही नही कर पाये है क्योकि बैंक के अधिकारीयो पर तो कोई कार्यवाही नही होगी उनके संबंध सबसे अच्छे जो होते है वैसे भी वो एक बार शाखा में गये तो बाहर निकलकर भी नही देखते की रोड पर क्या हो रहा है क्या नही पर अगर कोई बड़ी दुघर्टना होती है तो उसका जवाबदार कौन छोटी दुघर्टना पर तो कोई ध्यान भी नही देता क्योकि 2025 में ऐसी छोटी दुर्घटना बहुत हो चुकी है अब 2026 की शुरुआत होने पर सायद अब कोई अधिकारी अपनी जवाबदारी समझे और इन दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सके।

