दो वर्ष से प्रधानमंत्री आवास में लग रहा था सरकारी स्कूल प्राथमिक शाला रिंगढाणा, अब स्कूल के बाहर खुले मैदान में बच्चे पढ़ने को मजबूर
Betul Ki Khabar/भीमपुर (मनीष राठौर):- भीमपुर ब्लॉक के प्राथमिक शाला रिंगढाणा जर्जर स्कूल भवन दो साल से ग्रामीण सुखराम/ लोला के घर पर पढ़ने को मजबूर थे बच्चे अब शिक्षक को ग्रामीण ने प्रधानमंत्री आवास में शाला संचालित करने के लिए मना कर दिया अब प्रधान पाठक बाबूराव सेलुकर स्कूल के सामने खुले मैदान में शाला संचालित कर रहे हैं मामला भीमपुर विकाखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत रंभा के प्राथमिक शाला रिंगढाणा भवन 2018 से खंडहर में तब्दील हो गया था शिक्षा विभाग वरिष्ठ अधिकारी ने जर्जर स्कूल भवन में शाला संचालित करना 2019 से बंद कर दिया गया वही पर बने प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण सुखराम/ लोला के घर में दो साल से ग्रामीण के घर पर पढ़ने को बच्चे मजबूर थे l अब मकान मालिक ने प्रधानमंत्री आवास में शाला संचालित करने का मना कर दिया अब स्कूल के बच्चे बाहर पढ़ने को मजबूर स्कूल भवनों की असलियत उजागर कर दी है, जहां एक ओर सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित माहौल देने की बात करती है. वहीं हकीकत यह है कि कई विद्यालय जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं. बारिश के दिनों में भवनों की छतें टपकने लगती है. दीवारों से पानी रिसता है. कई जगह कमरों में पानी आ जाता है. ऐसे हालात में न तो बच्चों को पढ़ाई का सही माहौल मिल पा रहा है. न ही उनकी सुरक्षा की गारंटी रह गयी है l
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भीमपुर विकासखंड में दर्जनों शाला भवन जर्जर हो गए है। इसके बावजूद जर्जर भवन की ना मरम्मत हो रही ना नवनिर्माण भवन बन रहे हैं जिम्मेदार अधिकारी ना क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि का इस ओर ध्यान है। ग्रामीणों का कहना है कि रिंगढाणा में अतिआवश्यक है स्कूल बनना फिर भी अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं स्कूली बच्चे ग्राम के सुखराम/लोला के घर पर पहली से पांचवीं तक 94 बच्चें एक ही कमरे में पढ़ने को मजबूर थे ग्रामीण का कहना है कि अब बच्चे कैसे पढ़ेंगे कहा कैसे बैठ पाएंगे चिंता का विषय है बैतूल जिले के भीमपुर ब्लॉक की बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि प्राथमिक शाला रिंगढाणा का भवन वर्षों पहले ही खंडर बन गया है आज तक शिक्षा विभाग ना नए भवन स्वीकृत कर पाए ना कोई व्यवस्था बन पाई आज भी ग्रामीण के बच्चे स्कूल के बाहर खुले मैदान में पढ़ने को मजबूर है l
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि इस क्षेत्र के जनप्रतिनिधि के कितने लापरवाह है जिन्हें ऐसी समस्या दिखाई भी नहीं दे रही है
- बच्चों को एक सुरक्षित और उपयुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है l
- इस समस्या का समाधान करने के लिए, ग्रामीणों द्वारा शिक्षक के द्वारा वरिष्ठ अधिकारी को कई बार अवगत करा दिया गया है परंतु अभी तक कोई सुधार नहीं आया है प्रशासन को तुरंत उन्हें प्राथमिक शाला रिंगढाणा के लिए एक नए और सुरक्षित भवन का निर्माण करना चाहिए, जिसमें बच्चों को एक उपयुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सके।
- इसके अलावा, सरकार और स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखी जाए और बच्चों को एक सुरक्षित और उपयुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिले।
- भीमपुर ब्लाक मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर ग्राम रंभा के रिंगढाणा के शासकीय प्राथमिक शाला पूरी तरह जर्जर हो गया।
- भीमपुर ब्लॉक के कई स्कूल भवनों की हालत जर्जर है प्राथमिक शाला रिंगढाणा स्कूल में बच्चें जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करते हैं l
- ग्रामीणों व शिक्षक ने जर्जर भवन की सैकड़ो बार दे दी जानकारी ग्रामीणों व शिक्षक ने जर्जर भवन की सैकड़ो बार दे दी जानकारी फिर जिला अधिकारी के कान में जूं तक नही रेंग रही है ग्रामीण का कहना है कि जनप्रतिनिधि में सभी को यह जानकारी बता दी गई है और कई बार आवेदन भी दे दिए गए फिर भी आज तक ना अधिकारियों और ना जनप्रतिनिधि किसी के कान में जू तक नहीं रेंग रही है l
- ग्राम पंचायत रंभा के रिंगढाणा ग्रामीणों ने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए नए स्कूल भवन की मांग कर रहे हैं
जवाबदार अधिकारियों का क्या कहना…
- इस संबंध में शिक्षा विभाग का बीआरसी का कहना है जहां पर शासकीय भवन मौजूद है वहां पर शाला संचालित करना है हमने डीपीसी कार्यालय को सूचना भेज दी है
- शिक्षा विभाग डीपीसी भूपेंद्र वरकडे का कहना है कि 2 वर्षों से जब ऐसी स्थिति है तो पुराने डीपीसी को देखना चाहिए था फिर भी मैं दोबारा दिखवा लेता हूं
- शिक्षा विभाग BEO कौशिक जी कहना है अभी मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है वैसे मुझे पहले पता था कि प्रधानमंत्री आवास में शाला संचालित हो रही है फिर भी मैं अभी देख लेता हूं बच्चों की क्या स्थिति है
- शिक्षा विभाग संकुल केंद्र सीएससी मनोहर मालवीय
- हां मुझे पता है हमने 2019 से जर्जर भवन में शाला संचालित करना बंद कर दिया है अब बच्चे स्कूल के बाहर ही बैठते हैं

