Betul Ki Khabar/मुलताई :- शासकीय महाविद्यालय, में राष्ट्रीय सेवा योजना एनएसएस एवं राजनीति विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘संविधान हत्या दिवस’ के अवसर पर “आपातकाल एवं लोकतंत्र” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। प्राचार्य डॉ. सारिया ने कहा कि 25 जून भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय है। आपातकाल के दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन हुआ और प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को इस कालखंड से सीख लेकर संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव सजग रहना चाहिए। मुख्य वक्ता डॉ. अनुज डोनीवाल ने आपातकाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और उस समय की परिस्थितियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया गया। वहीं डॉ. विनय राठौर ने “लोकतंत्र और संविधान” विषय पर विचार रखते हुए अधिकारों एवं कर्तव्यों के संतुलन को लोकतंत्र की आधारशिला बताया और संविधान के सम्मान को लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति कहा। महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने हाथ उठाकर भारत के संविधान के प्रति निष्ठा व्यक्त की तथा उसके सम्मान एवं संरक्षण की सामूहिक शपथ ली। संगोष्ठी का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

