ग्रहण में बंद रहे मंदिरों के पट, सूना रहा बाजार, गांवों से नही आए ग्रामीण शाम को स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की लगी ताप्ती तट पर भीड़

By betultalk.com

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Betul Ki Khabar/मुलताई। चंद्र ग्रहण का प्रभाव सुबह से ही पवित्र नगरी में देखने को मिला जिसमें एक तरफ जहां ताप्ती तट स्थित मंदिरों के पट बंद रहे वहीं पूरा नगर सुनसान नजर आया। ग्रामीण अंचलों से लोगों ने मुलताई की ओर रूख नही करने से बाजार भी सूने नजर आए। इधर शाम को ग्रहण खत्म होते ही ताप्ती तट पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ लग गई। ग्रहण के संबन्ध में पंडित गणेश त्रिवेदी ने बताया कि मंगलवार सुबह 6 बजकर 20 मिनट से ग्रहण का सूतक प्रारंभ हो गया जिसके बाद दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से चंद्र ग्रहण प्रारंभ हुआ जो 6 बजकर 47 मिनट तक कुल 3 घंटे 27 मिनट की अवधि का रहा। उन्होने बताया कि इस दौरान ताप्ती तट सहित नगर के सभी मंदिरों के पट सूतक लगते ही बंद कर दिए गए जो ग्रहण निकलने के बाद ही खुले। ताप्ती तट स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर, चिंतेश्वर मंदिर, तप्तेश्वर मंदिर, सत्य नारायण मंदिर, ताप्ती मंदिर, श्रीराम मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से ही ताले लटके रहे। इधर ग्रहण के कारण बाजार भी सूने नजर आए तथा लोगों ने ग्रहण के दौरान खरीदी करने से भी परहेज किया। हालांकि होली के लिए बाजार में अस्थाई दुकानों से लोग रंग गुलाल एवं पिचकारी खरीदते नजर आए वहीं मंगलवार बाजार होने के बावजूद ग्रामीण अंचलों से लोग मुलताई नही पहुंचे।

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