वन विभाग के प्रयासों से बदली तस्वीर, पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीणों को मिला रोजगार
Betul Ki Khabar/चिचोली :- वन विभाग की दूरदर्शी योजना और निरंतर प्रयासों का परिणाम आज जोगली की पहाड़ी पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। जहां कभी पत्थरों और चट्टानों से घिरी वीरान पहाड़ी नजर आती थी, वहीं आज हरे-भरे वृक्ष लहराते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं।
25 हजार से अधिक पौधों का रोपण
चिचोली से सटे ग्राम जोगली की इस चट्टानी पहाड़ी को हरित बनाने का कार्य वर्ष 2019-20 में शुरू किया गया था। तत्कालीन रेंज अधिकारी एस.के. सोनवंशी के नेतृत्व में यहां 25,000 से अधिक पौधे रोपे गए। कठिन परिस्थितियों के बावजूद लगातार देखरेख और मेहनत के चलते आज यह क्षेत्र हरियाली से आच्छादित हो चुका है।

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विभिन्न प्रजातियों के वृक्ष बने सहारा
इस पहाड़ी पर करंजी, सीताफल, बांस, सागौन, जामुन, आंवला, बेहड़ा और नीलगिरी जैसे अनेक प्रजातियों के वृक्ष लगाए गए हैं। ये वृक्ष न केवल पर्यावरण को संतुलित कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के लिए आजीविका का भी साधन बन रहे हैं।
गर्मी में भी बनी रहती है हरियाली
विशेष बात यह है कि भीषण गर्मी के दिनों में भी यह पहाड़ी हरी-भरी बनी रहती है, जो वन विभाग की देखरेख और संरक्षण का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
वन दिवस पर बनी प्रेरणा
विश्व वन दिवस के अवसर पर यह पहाड़ी एक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में सामने आई है। यह दर्शाती है कि यदि सही योजना और निरंतर प्रयास किए जाएं, तो बंजर भूमि को भी हरे-भरे वन में बदला जा सकता है।

