Betul Ki Khabar- वर्षों से क्षतिग्रस्त स्लूज गेट का टेंडर होने के बावजूद ठेकेदार नही कर रहा निर्माण

By betultalk.com

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                                अधिकारी लापरवाह, निर्माण प्रारंभ नही हुआ तो इस वर्ष भी होगी समस्या खड़ी

Betul Ki Khabar/मुलताई। ताप्ती सरोवर से पानी की निकासी के लिए वर्षों पूर्व निर्मित स्लूज गेट विगत कुछ वर्षों से क्षतिग्रस्त स्थिति में होने से बारिश में पानी की व्यवस्थित निकासी नही हो रही है। नगर पालिका द्वारा विगत कई वर्षों से स्लूज गेट के निर्माण की रूपरेखा बनाई जा रही थी। हर वर्ष विलंब होने से स्लूज गेट निर्माण का कार्य आगे टलता रहा लेकिन इस वर्ष स्लूज गेट निर्माण के लिए मार्च माह में टेंडर होने के बावजूद ठेकदार द्वारा अप्रैल में भी कार्य प्रारंभ नही किया गया है। बताया जा रहा है कि यदि अभी स्लूज गेट का निर्माण कार्य प्रारंभ नही हुआ तो आगे बारिश के कारण फिर नही हो सकता और कार्य में फिर एक वर्ष का विलंब हो सकता है। पूरे मामले में उपयंत्री महेश शर्मा ने बताया कि स्लूज गेट का टेंडर विगत 13 मार्च को हो चुका है जिसके बाद ही ठेकेदार द्वारा कार्य प्रारंभ कर देना था लेकिन 10 अप्रैल तक कार्य प्रारंभ नही किया गया जिसके लिए ठेकेदार को शीघ्र कार्य करने के लिए कहा जा रहा है। तकनीकि जानकारों के अनुसार स्लूज गेट का निर्माण कार्य अत्यंत जटिल है इसलिए समय रहते बारिश के पूर्व निर्माण कार्य पूर्ण होना आवश्यक है। यदि बारिश के पूर्व निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा तो विगत वर्षों की तरह इस वर्ष बारिश में समस्या खड़ी नही होगी और सरोवर भरने पर पानी की निकासी व्यवस्थित तौर पर की जा सकती है। लेकिन वर्तमान में स्लूज गेट का कार्य कब तक प्रारंभ होगा इसे लेकर अधिकारियों के पास भी संतोषप्रद जवाब नहीं होने से ऐसा प्रतित हो रहा है कि इस वर्ष भी बारिश में लोगों को समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

ठेकेदार पर निर्भर हो गए अधिकारी

नियमानुसार स्लूज गेट का टेंडर होने के बाद नगर पालिका के अधिकारियों द्वारा तत्परता से कार्य प्रारंभ कराना था लेकिन एक माह होने के बावजूद ठेकदार से कार्य प्रारंभ करने का अनुनय विनय किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में यह साफ नजर आ रहा है कि अधिकारी ठेकदार पर निर्भर हो चुके हैं। जबकि ठेकदार को कार्य में विलंब के लिए नोटिस दिया जाना चाहिए तथा शीघ्र कार्य प्रारंभ करने के लिए दबाव बनाना आवश्यक है। उपयंत्री महेश शर्मा ने बताया कि टेंडर के बाद ठेकेदार को तत्काल कार्य प्रारंभ करने का कहा गया था लेकिन ठेकेदार द्वारा कार्य प्रारंभ नहीं किया गया जिसके लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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बारिश में पानी भरने से क्षतिग्रस्त हुआ मंदिर

बारिश में ताप्ती सरोवर ओवर फ्लो होने के साथ ही ताप्ती मंदिर में पानी भर जाता है जिससे गर्भगृह सहित पूरे मंदिर में पानी में ही जाना पड़ता है। पुजारियों को पूजन सहित श्रद्धालुओं को दर्शन में समस्या का सामना करना पड़ता है। वर्षों से बारिश में पानी थमने के कारण मंदिर क्षतिग्रस्त हो चुका है वहीं मंदिर के सामने वाली सड़क भी उखड़ रही है। स्लूज गेट निर्माण होने से पानी की व्यवस्थित निकासी होने से मंदिर में जमा पानी भी तत्काल निकाला जा सकेगा जिससे मंदिर भी क्षतिग्रस्त नही होगा साथ ही मां ताप्ती की पूजा अर्चना में भी कोई व्यवधान उपस्थित नही होगा।

मरम्मत से टूट सकता था स्लूज गेट इसलिए होगा नवनिर्माण

ताप्ती सरोवर में जहां पहले स्लूज गेट से सरोवर के पानी की निकासी की जाती थी वहीं धीरे धीरे गेट क्षतिग्रस्त होता गया। बाद में स्थिति यह हुई कि यदि गेट की मरम्मत की जाती तो गेट टूट सकता था बड़ा जोखिम था इसलिए तत्कालिन तकनीकि अधिकारियों द्वारा मरम्मत की जगह स्लूज गेट के पुनः निर्माण का निर्णय लिया गया। निर्णय के उपरांत हर वर्ष विलंब होने से गेट के निर्माण का मामला आगे बढ़ता गया लेकिन इस वर्ष परिषद के द्वारा पूरी गंभीरता से समय रहते स्लूज गेट का टेंडर जारी किया गया जिसे सतना के अरूण प्रताप सिंह द्वारा लिया गया। लेकिन समस्या यह है कि समय रहते टेंडर होने के बावजूद ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य में विलंब किया जा रहा है जिससे इस वर्ष भी गेट निर्माण की संभावना कम हो गई है ऐसी स्थिति में आमजन में रोष व्याप्त है।

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