Betul Ki Taja Khabar/भैंसदेही/मनीष राठौर:- भैंसदेही जनपद पंचायत समिति ने मार्च 2025 में अपने नवनियुक्त काम्पलेक्स की दुकान नंबर 02 और 08 के नीलामी हेतु विज्ञापन जारी कर आवेदन मांगे थे, जिसमें नीलामी 16 अप्रैल 2025 को तय थी। नगर के लगभग 10 बेरोजगार युवाओं ने नियम अनुसार दस-दस हजार रुपये की अमानती राशि जमा की, लेकिन नीलामी नियत तिथि पर नहीं हुई। इसके बाद नीलामी 16 मई 2025 को पुनर्निर्धारित हुई पर वह भी संपन्न नहीं हुई और न तो नई तारीख की सूचना दी गई, न नीलामी स्थगन का कोई औपचारिक प्रस्ताव प्रदान किया गया। इस दौरान जनपद पंचायत ने अमानती राशि पर कब्जा कर रखा और नीलामी प्रक्रिया को लंबित रखे हुए है।भैंसदेही नगर परिषद ने अपने इतिहास में पहली बार डिजिटल माध्यम से दुकानों की नीलामी की, जहां 9 दुकानों की नीलामी सफल रही जबकि एक (दुकान नंबर 4) की निविदा रद्द कर पुनः ऑनलाइन जारी होगी। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा की मिसाल बनी परन्तु जनपद पंचायत की नीलामी में अनियमितताओं और नियमों का उल्लंघन के आरोप भी सामने आए हैं, जिसमें अमानती राशि जमा कराने के बाद भी नीलामी न कराने व युवाओं को शोषित करने की शिकायतें मिली हैं।शिकायतकर्ताओं ने इस मामले की शिकायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, कलेक्टर बैतूल, बैतूल पंचायत, राज्य मंत्री तथा मुख्य मंत्री म.प्र. शासन भोपाल को भी लिखित रूप में की है।
इससे पता चलता है कि प्रशासनिक तंत्र में भ्रष्टाचार और तानाशाही रवैया युवा वर्ग के लिए गंभीर समस्या बन गया है। इस प्रकार की अनियमितताएं स्थानीय विकास कार्यों में बाधा डालने के साथ-साथ युवाओं के मनोबल को भी प्रभावित कर रही हैं।मुख्य बिंदु मार्च 2025 में जनपद पंचायत ने दुकान नीलामी का विज्ञापन जारी किया।आधिकारिक नीलामी तिथियां 16 अप्रैल और 16 मई 2025 निर्धारित थीं, पर दोनों दिन नीलामी नहीं हुई।करीब 10 बेरोजगार युवाओं ने अमानती राशि जमा की लेकिन नीलामी प्रक्रिया स्थगित रही।शिकायतें कलेक्टर, जिला पंचायत अधिकारी और उच्च प्रशासन को की गई हैं।नगर परिषद की ऑनलाइन नीलामी में पारदर्शिता की बात है, लेकिन जनपद पंचायत की नीलामी विवादित रही।यह मामला दर्शाता है कि स्थानीय संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता है, ताकि युवाओं का शोषण न हो और विकास कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सकें।
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भैंसदेही जनपद पंचायत की नीलामी विवाद में बेरोजगार युवाओं का शोषण, अमानती राशि पर कब्जा भैंसदेही जनपद पंचायत समिति द्वारा नवनिर्मित दूकानों की नीलामी प्रक्रिया में बार-बार विलंब और अनियमितताओं को लेकर नगर के बेरोजगार युवाओं ने कलेक्टर और जिला प्रशासन को शिकायती पत्र सौंपा है। मार्च 2025 में निर्धारित इस प्रक्रिया में करीब दस युवा अमानती राशि जमा कर नीलामी के लिए तैयार थे, लेकिन अब तक नीलामी नहीं होने से वे आर्थिक एवं मानसिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं। जनपद पंचायत की अनदेखी और तानाशाही रवैया इस प्रक्रिया को बाधित कर रहा है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस मामले में प्रशासन निष्क्रिय है और उनके तकलीफों का समाधान नहीं हो रहा।
इनका क्या कहना…
जनपद द्वारा दुकान क्रमांक का विज्ञापन आवंटन 2 और 8 को 16 अप्रैल 2025 को नीलामी (निलमी) द्वारा बेचा जाना था जिसकी राशि जमा करने के बाद नीलामी प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। जिसकी अभ्यार्थीयो की ओर से पंचायत अपील प्रस्तुत कर रहे हैं।
अधिवक्ता
संतोष कुमार राठौर
इनका क्या कहना…
जनपद नीलामी की प्रकिया के बारे में मुझे नहीं पता और नीलामी की निरस्त प्रक्रिया में मेरी साइन भी नहीं ली गई
श्रीमती स्वाति मनीष राठौर सभापति स्थाई समिति

