Betul Ki Taja Khabar: पीएचई विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर

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                                                          खुले में फेंका गया था सोडियम हाइपोक्लोराइट सॉल्यूशन

Betul Ki Taja Khabar/भैंसदेही/मनीष राठौर :- भैंसदेही ब्लॉक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है। पेयजल की शुद्धता बनाए रखने के लिए शासन द्वारा भेजा गया सोडियम हाइपोक्लोराइट सॉल्यूशन अब खुलेआम नालियों और खाली मैदानों में फेंका गया। करोड़ों की सरकारी योजना में अनदेखी और भ्रष्टाचार के संकेत मध्यप्रदेश शासन द्वारा ग्रामीण इलाकों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए यह रसायन भेजा गया था। यह सॉल्यूशन हैंडपंप और जलस्रोतों की सफाई तथा संक्रमण रोकथाम में उपयोग किया जाना था, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण हजारों बोतलें बेकार हो गईं। समय पर उपयोग न होने से कैमिकल एक्सपायर हो गया जिसे खुले में फेंका गया और जलाकर नष्ट किया गया। जानकारों का मानना है कि खुले मैदानों में रसायन फेंकने से शासन को लाखों रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है। साथ ही, इससे पर्यावरण प्रदूषण का खतरा भी बढ़ गया है। एक्सपायर्ड सोडियम हाइपोक्लोराइट के संपर्क में आने से भूजल दूषित हो सकता है, जबकि इसकी गैसों से कर्मचारियों को त्वचा और श्वसन संबंधी बीमारियां होने की संभावना है।

कर्मियों की जान जोखिम में, अधिकारी मौन
खुले हाथों से कैमिकल फेंकते कर्मचारियों के वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं, जो कुछ माह पहले की बताई जा रही है, जिससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं। विभागीय अधिकारी इस पर मौन हैं, जिससे प्रशासनिक जिम्मेदारी पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है। सरकार शुद्ध पेयजल के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, वहीं भैंसदेही में यह पूरा प्रयास जमीनी स्तर पर असफल होता दिख रहा है। यह मामला शासन की पारदर्शिता और जिम्मेदार प्रणाली पर गहरा सवाल खड़ा करता है।

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कार्यालय में पड़े-पड़े एक्सपायर हो गया कैमिकल्स
विभागीय सूत्र बताते है कि सरकार द्वारा सोडियम हाइपोक्लोराइट भेजा गया था कि इसका इस्तेमाल कर विभाग हैंडपंप और जलस्रोतों की सफाई तथा संक्रमण रोकथाम के लिए कर सके, लेकिन विभाग ने इसका उपयोग नहीं किया। जिसके कारण यह हुआ कि सोडियम हाइपोक्लोराइट कार्यालय में पड़े-पड़े एक्सपायर हो गया। और कर्मचारियों के द्वारा एक्सपायर दवाइयों को खुले में फेंकने के लिए बिना सुरक्षा कीट के कहा गया था । लेकिन विभाग द्वारा इन सभी दुष्परिणामों को दरकिनार कर एक्सपायर कैमिकल को नालों और खुले में फेंका गया था। अब देखना यह होगा कि उच्च विभाग उक्त मामले को लेकर क्या एक्शन लेते है…?, जिसको लेकर जब खबर का समय होने पर जिला पीएचई विभाग के ई ई मनोज कुमार बघेल से उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो उनका नंबर नेटवर्क क्षेत्र के बाहर बता रहा था , जिसके बाद नर्मदापुरम संभाग के ए सी मंजू सिंह मैडम से उनके नंबर पर संपर्क कर जानकारी से अवगत कराना चाहा लेकिन बात नहीं हो पाई।

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