Betul Ki Taja Khabar: किसानों की ज्वलंत समस्या एवं मुद्दों पर हुई चर्चा

By betultalk.com

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                                                               किसान संघर्ष समिति का होली मिलन कार्यक्रम संपन्न

Betul Ki Taja Khabar/मुलताई:- किसान संघर्ष समिति द्वारा आज होली मिलन का कार्यक्रम स्टेशन रोड स्थित समिति के मुख्य कार्यालय में संपन्न हुआ । रंग-गुलाल और अबीर खेले जाने के बाद प्रदेश अध्यक्ष आराधना भार्गव का जन्मदिन मनाया गया। तत्पश्चात जिला कार्यकारिणी की बैठक संपन्न हुई।

बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. सुनीलम ने कहा कि भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते ने देश के किसानों की कमर तोड़ दी है। इस समझौते का गंभीर असर किसानों की फसलों के दामों पर पड़ा है, जिससे उनकी आय में भारी गिरावट आई है।
डॉ. सुनीलम ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 9 मार्च को दिल्ली के जंतर मंतर पर एक ऐतिहासिक किसान मजदूर महापंचायत आयोजित की जा रही है। इसके बाद देशभर में एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्ज़ मुक्ति, भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौता रद्द करने, भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाने, चार लेबर कोड रद्द किये जाने ,

मनरेगा बहाल करने सहित अन्य मांगों को लेकर देशभर में किसान पंचायतें आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा अमरीका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय यूनियन के देशों के साथ किए जा रहे मुक्त व्यापार समझौते देश के किसानों के लिए विनाशकारी साबित होंगे। इन समझौतों के चलते सस्ते कृषि उत्पादों, डेयरी, दालों, कपास, मक्का और सोयाबीन का बड़े पैमाने पर आयात बढ़ेगा, जिससे किसानों को अपनी उपज का लाभकारी मूल्य मिलना और भी कठिन हो जाएगा।

डॉ. सुनीलम ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा गेहूं की एमएसपी 2585 रुपए के साथ 15 रुपए बोनस जोड़कर 2600 रुपए प्रति क्विंटल पर खरीद की घोषणा की गई थी, लेकिन हकीकत यह है कि मंडियों में गेहूं मात्र 2100 रुपए प्रति क्विंटल पर खरीदा जा रहा है।

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इसी प्रकार केंद्र सरकार ने मक्का की 2400 रुपए प्रति क्विंटल पर खरीद की घोषणा की थी। लेकिन मध्य प्रदेश में किसान अपनी मक्का 1200 रुपए प्रति क्विंटल पर बेचने को मजबूर हुए। कम दामों के कारण कई किसानों ने थ्रेसिंग तक नहीं कराई। किसानों का कहना है कि 1200 रुपए प्रति क्विंटल तो लागत भी पूरी नहीं होती, ऐसे में इस कीमत पर बिक्री पूरी तरह घाटे का सौदा है। वहीं सोयाबीन का समर्थन मूल्य 5328 रुपए प्रति क्विंटल होने के बावजूद इसके दाम गिरकर 4500 रुपए तक आ गए हैं।

डॉ. सुनीलम ने बताया कि बैतूल जिले में 2 लाख 61 हजार किसानों में से मात्र 1593 सोयाबीन उत्पादक किसानों को ही भावांतर योजना का लाभ मिला है, जबकि मुलताई क्षेत्र में केवल 295 किसान ही इस योजना से लाभान्वित हो पाए हैं।

कार्यकारिणी की बैठक में एडवोकेट आराधना भार्गव, जगदीश दोड़के, कृपाल सिंह सिसोदिया, एडवोकेट विनोद सिंह, शेषराव सूर्यवंशी, नामदेव चौरे, विनोदी महाजन, इंद्रजीत गोयते, अनिल सोनी, रमेश महाजन, नान्चू अग्रवाल, मिलिंद खातरकर, मोटू गढ़ेकर, गुलाब देशमुख, तीरथ सिंह, पन्नालाल बुवाड़े, कैलाश सिंह पटेल, चैनसिंह सिसोदिया, अरुण शिवारे, मारोती पाटिल, दिनेश यदुवंशी, लखन सूर्यवंशी, भीमसेन पंवार, रुचिता दोड़के, प्रमोद नरवरे, गोकुल धिडोरे, बल्लू यदुवंशी, अजय प्रजापति, भागवत परिहार सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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