Betul Local News/चिचोली। मंडाई घाट स्थित खाक चौक गौशाला स्थित सर्व सिद्ध हनुमान मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। कलश यात्रा नगर के बाजार चौक, मुख्य मार्ग, बस स्टैंड, जय स्तंभ चौक, सहस्त्रबाहु मार्ग और हरदा रोड होते हुए पुनः खाक चौक स्थित कथा स्थल पहुंची। पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन और जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
कथा व्यास पंडित राजेंद्र कृष्ण शरण ने विधिवत मंत्रोच्चार के साथ पूजन कर कलश की पूजा-अर्चना संपन्न कराई। प्रथम दिवस की कथा में उन्होंने साधु, ऋषि, पंडित, विद्वान और आचार्य की परिभाषा स्पष्ट करते हुए कहा कि साधु समय-समय पर साधना करते हैं, ऋषि भगवान भक्ति एवं खोज-मनन के साथ अनुसंधान करते हैं। पंडित वे हैं जो शास्त्र, वेद, धर्मग्रंथों एवं पारंपरिक विधि-विधानों का ज्ञान रखते हुए समाज को धर्म और आध्यात्मिक विषयों पर मार्गदर्शन देते हैं। विद्वान वह है जो अपने ज्ञान का उपयोग समाज के हित में करता है, जबकि आचार्य वे हैं जो स्वयं आचरण कर अनुष्ठानों के माध्यम से धर्म की स्थापना करते हैं।
उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण का महत्व बताते हुए कहा कि भागवत कथा मानव जीवन को सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। यह ग्रंथ केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शक है।
मंदिर के महंत अरविंद दास महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर परिसर में आयोजित इस सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में कथा व्यास पंडित राजेंद्र कृष्ण शरण महाराज के मुखारविंद से प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक कथा श्रवण कराई जाएगी। कथा को लेकर क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना हुआ है l

