30 लोगों ने ली गुरुदीक्षा, विद्यारंभ व पुंसवन संस्कार सम्पन्न
Betul Local News/मुलताई। गायत्री नगर में 5 कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा का समापन श्रद्धा और भक्ति के माहौल में हुआ। समापन अवसर पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञ में पूर्णाहुति दी और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। प्रज्ञा पुराण कथा के दौरान पंडित विशाल बंदेवार ने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु के बिना जीवन अधूरा है। उन्होंने कहा कि जब जीवन में सद्गुरु का आगमन होता है, तब व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को गुरु अवश्य धारण करना चाहिए।
समापन अवसर पर 30 भाई-बहनों ने गुरुदीक्षा ग्रहण की, वहीं 3 विद्यारंभ एवं 2 पुंसवन संस्कार निःशुल्क सम्पन्न कराए गए। गुरुदीक्षा लेने वाले श्रद्धालुओं को वरिष्ठ परिजन गुलाबराव देशमुख द्वारा कुश के आसन भेंट किए गए।
गायत्री परिवार के नारायण देशमुख ने बताया कि कार्यक्रम के आयोजक जी.आर. चिल्हाटे परिवार द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं समाजसेवा में योगदान देने वाले सेवानिवृत्त शिक्षक एम.के. वर्मा का श्रीफल एवं गायत्री मंत्र का दुपट्टा भेंट कर सम्मान किया गया। इसके साथ ही गायत्री परिवार ट्रस्ट मुलताई को लगभग एक एकड़ भूमि दान देने वाले साधक गुलाबराव देशमुख का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम में गौ संवर्धन एवं स्वावलंबन केंद्र नरखेड़ के लिए श्रीमती उर्मिला देशमुख एवं लीला मानकर द्वारा 51-51 हजार रुपए की राशि भेंट किए जाने पर उनका भी सम्मान किया गया। इस अवसर पर जिला समन्वय समिति के डॉ. कैलाश वर्मा, रविशंकर पारखे सहित समिति के सदस्य, तहसील समन्वय समिति के पदाधिकारी तथा खेड़ली बाजार, आठनेर, बोरदेही, कूजबा, बैतूल, सोनोरा, साड़िया, खड़आमला, सोनोली, जामगांव, मांगोना कला, नरखेड़ सहित विभिन्न ग्रामों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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