Betul News/चिचोली । केंद्र सरकार की “हर घर शुद्ध पेयजल” योजना का उद्देश्य गांव-गांव तक नल के माध्यम से पानी पहुंचाना है, लेकिन चिचोली विकासखंड की ग्राम पंचायत आलमपुर में यह योजना पूरी तरह दम तोड़ती नजर आ रही है। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को पेयजल के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत आलमपुर में करीब 60 लाख रुपये की लागत से नल-जल योजना के तहत पानी की टंकी निर्माण एवं घर-घर नल कनेक्शन दिए गए थे। इसके बावजूद योजना का संचालन सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों संरपच और ग्राम पंचायत सचिव की लापरवाही के कारण यह योजना केवल शोपीस बनकर रह गई है।
ग्रामीणों हृदय राम यादव, कुलदीप उईके, बस्तीराम, दिनेश और सूरजलाल सलामे ने बताया कि करीब 3000 की आबादी वाले इस गांव में पटेल ढाना, महू ढाना, झापुढाना और गौली ढाना शामिल हैं। यहां पिछले एक साल से अधिक समय से नल-जल योजना बंद पड़ी है, जिससे लोगों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जनपद पंचायत स्तर पर अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सीईओ द्वारा समीक्षा एवं समस्या का निराकरण समय पर नहीं कि याजा रही है । केवल बैठकों का आयोजन होता है, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा।

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पूर्व जनपद सदस्य डोमा सिंह कुमरे ने आलमपुर गांव में बंद पड़ी नल योजना के संबंध में 181 पर शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन बिना किसी समाधान के शिकायत बंद कर दी गई। स्थिति यह है कि ग्रामीण अब बैलगाड़ी और अन्य साधनों से खेतों से पानी लाने को मजबूर हैं। फसल कटाई के समय भी लोगों को काम छोड़कर पानी की व्यवस्था में लगना पड़ रहा है। एक साल से बंद पडी नल जल योजना का बिजली विभाग का लाख रुपया बकाया हो गया है। इस संबंध में ग्राम पंचायत सचिव शिव प्रसाद यादव ने बताया कि नल-जल योजना के तहत किए गए बोर धंसने के कारण 16 बार मोटर जल चुकी है। वर्तमान में नए बोर के लिए एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नल-जल योजना को सुचारु रूप से शुरू कराने की मांग की है, ताकि उन्हें पेयजल संकट से राहत मिल सके।

