खुलवाने के लिए ताप्ती भक्तों ने की भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सहित जनप्रतिनिधियों से अपील
Betul News Today/मुलताई। ताप्ती नदी का प्रवाह उद्गम के बाद आगे सात किलोमीटर तक जगह जगह बाधित है जिस किया गया अतिक्रमण प्रशासन द्वारा चिन्हित कर 21 लोगों को नोटिस भी दिए जा चुके हैं। अब ताप्ती भक्तों के द्वारा बाधित प्रवाह क्षेत्र को खुलवाने की भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय राज्य मंत्री तथा सांसद डीडी इके सहित जिले के विधायकों से गुहार लगाई गई है। ताप्ती नदी के लिए लंबे समय से कार्य कर रहे दिनेश कलभोर तथा गोलू उघड़े सहित अन्य भक्तों ने बताया कि पुण्य सलिला मां ताप्ती का संरक्षण केवल एक स्थानीय विषय नहीं, बल्कि हमारी सनातन आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय दायित्व से जुड़ा हुआ पवित्र कार्य है। वर्तमान में मां ताप्ती का लगभग 7 किलोमीटर लंबा प्राकृतिक प्रवाह क्षेत्र बाधित है, जिससे नदी की अविरलता, आसपास का पर्यावरण और धार्मिक स्वरूप प्रभावित हो रहा है। यह अत्यंत गंभीर विषय है कि जीवनदायिनी मां ताप्ती के प्रवाह में अवरोध बना हुआ है, प्राचीन धरोहरें उपेक्षित हैं और साथ ही सीवर एवं गटर का पानी भी इस पावन नदी में प्रवाहित हो रहा है।
जनप्रतिनिधियों से की अपेक्षा
ताप्ती भक्तों द्वारा जिले के जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा करते हुए कहा गया है कि वे इस विषय को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। दुर्गा दास उइके सांसद, बैतूल लोकसभा क्षेत्र एवं केंद्रीय राज्य मंत्री तथा हेमंत खंडेलवाल विधायक बैतूल एवं प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी सहित चंद्रशेखर देशमुख विधायक मुलताई, योगेश पंडाग्रे विधायक आमला, गंगा सज्जन सिंह उइके विधायक घोड़ाडोंगरी एवं महेंद्र सिंह चौहान विधायक भैंसदेही से आग्रह किया गया है कि मां ताप्ती के इस 7 किलोमीटर बाधित मार्ग को शीघ्र खुलवाने, नदी में गिर रहे सीवर जल को पूर्णतः रोकने तथा प्राचीन धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए संयुक्त रूप से ठोस पहल करें।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से विशेष अनुरोध
ताप्ती भक्तों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से विशेष अनुरोध करते हुए कहा गया है कि वे सनातनी विचारधारा से प्रेरित नेतृत्व के रूप में जाने जाते हैं। सनातन संस्कृति हमें नदियों को माता स्वरूप मानकर उनकी रक्षा और सम्मान का संदेश देती है। यदि हम अपनी आस्था के प्रति समर्पित हैं, तो मां ताप्ती की स्वच्छता, अविरलता और गौरव की पुनर्स्थापना हमारा प्रथम कर्तव्य होना चाहिए। इसलिए मां ताप्ती निर्बाध एवं अविरल रूप के बहे इसके लिए प्रवाह क्षेत्र से बाधा हटाने का प्रयास करें।

