वर्धा डेम की नहर से गांवों को जोड़ने की मांग, एसडीएम को ज्ञापन सौंपा
Betul Samachar/मुलताई। वर्धा बांध से निकलने वाली नहर के लाभ से वंचित चार गांवों के किसानों द्वारा मुलताई पहुंचकर नहर के लिए प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने नहर दो नहीं तो जहर दो के नारे लगाते हुए एसडीएम राजीव कहार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने एसडीएम से शीघ्र नहर से गोपल तलाई, चौथिया, सोनोली और जाम गांव को जोड़ने की मांग की। किसानों ने कहा कि उनके गांव वर्धा डेम से मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं, इसके बावजूद उन्हें मुख्य नहर से नहीं जोड़ा गया। जबकि वर्धा डेम की नहर उनके गांवों से होकर आगे 30 से 40 किलोमीटर दूर अन्य गांवों तक पहुंचाई गई है। इससे क्षेत्र के किसानों में भारी असंतोष है।किसानों ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित वर्धा सिंचाई परियोजना का लाभ अधिकारियों की लापरवाही और मनमानी के चलते बांध के आसपास के क्षेत्र के किसानों को नहीं मिल रहा है। लाभ से वंचित किसानों में रोष पनप रहा है जिससे भविष्य में और बड़ा प्रदर्शन किया जा सकता है।
परेशान किसानों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सिंचाई विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान “नहर दो नहीं तो जहर दो” के नारों से तहसील परिसर गूंज उठा। चारों गांवों के किसान तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र नहर से जोड़ने की मांग की।

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वर्षों बाद भी सिंचाई योजना का नहीं मिला लाभ
किसानों ने आरोप लगाया कि आठ वर्षों बाद भी वर्धा सिंचाई परियोजना से आसपास के दर्जनों गांवों के लाभ से वंचित हैं। किसानों ने अपनी जमीनें परियोजना के लिए दीं, लेकिन आज भी वे बची हुई भूमि में सिंचाई के पानी के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों की मिलीभगत से बिना समुचित नाप-तोल के निजी कंपनियों को पानी दिए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं ।
ज्ञापन सौंपने वालों में जनपद सदस्य अजय बारस्कर, उपसरपंच संदीप बारस्कर, जयदीप धोटे, सुनील कोहरे, नवनीत चंदेल, कृष्ण झरबड़े, बंधु ठाकरे, मनीराम मगरदे, प्रकाश झरबड़े, कुंडलीक राव, संजीव गणेशे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान मौजूद रहे।
इनका कहना है
पानी की उपलब्धता है के आधार पर कमांड निर्धारित किया जा चुका है। अतिरिक्त कमांड संभव नहीं होने से पानी नहीं दिया जा सकता है।
सीएल मरकाम, कार्य पालन यंत्री जल संसाधन विभाग मुलताई

