रसोई गैस की आनलाईन बुकिंग में समस्या, ऐजेन्सी के सामने उपभोक्ताओं की बढ़ रही भीड़

By betultalk.com

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                                     बढ़े गैस के दाम, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में भी खोजे जा रहे गैस के विकल्प

Betul Samachar/मुलताई। घरेलू रसोई गैस की आन लाईन बुकिंग में समस्या आने पर लोग फोन लगाने के बावजूद परेशान हो रहे हैं क्योंकि आन लाईन बुकिंग नही हो पा रही है जिससे गैस खत्म होने वाले उपभोक्ताओं के सामने समस्या खड़ी हो गई है। गैस सिलेंडर लेने के लिए ऐजेन्सी पर लंबी लाईन लग रही है लेकिन आन लाईन बुकिंग के बाद ही गैस सिलेंडर प्रदान किया जा रहा है ऐसी स्थिति में जिनकी बुकिंग नही हुई ऐसे उपभोक्ताओं के सामने गैस का विकल्प ढूंढने के अलावा कोई चारा नही हैं। गैस उपभोक्ता रामदास देशमुख, सलमान शाह सहित अन्य लोगों ने बताया कि बुकिंग के लिए पहले तो सीधे काल लग नही रहा है। जब भी फोन करो तत्काल फोन कट जाता है। उन्होने बताया कि इसके बाद मैसेज आ जाता है लेकिन उस पर ओटीपी नही आता जबकि ऐजेन्सी से ओटीपी के बाद ही गैस सिलेंडर दिया जा रहा है। गोलू ओंकार ने बताया कि बुकिंग के लिए लगातार फोन लगाने के बावजूद बुकिंग नही हो रही है ऐसे में बड़ा परिवार होने से उन्हे गैस सिलेंडर के बिना खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इधर इंडेन गैस ऐजेन्सी संचालक मनीष गावंडे ने बताया कि आन लाईन बुकिंग के बाद ही गैस सिलेंडर वितरण के आदेश हैं जिससे वे ओटीपी दिखाने के बाद ही सिलेंडर प्रदान कर सकते हैं।

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घरों में शोपीस बने सिलेंडर, विकल्प ढूंढ रहे उपभोक्ता

रसोई गैस की किल्लत से घरों में गैस सिलेंडर सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं इसलिए उपभोक्ता लकड़ी, इंडेक्शन चूल्हा आदि का सहारा ले रहे हैं। उपभोक्ताओं के अनुसार गैस से सरलता एवं सुगमता से भोजन सहित अन्य कार्य हो जाते थे लेकिन इंडेक्शन चूल्हा एवं लकड़ी में परेशानी हो रही है लेकिन मजबूरी में इनका उपयोग करना पड़ रहा है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि गैस की किल्लत से इंडेक्शन चूल्हा खरीदना अतिरिक्त व्यय वहन करना है जिसमें सक्षम लोग तो खरीद सकते हैं लेकिन मध्यम एवं निर्धन वर्ग के उपभोक्ताओं के लिए समस्या खड़ी हो रही है। उपभोक्ताओं ने बताया कि सभी आवश्यक खर्च छोड़कर अब दूसरे विकल्प के लिए पैसे लगाना पड़ रहा है जो अतिरिक्त खर्च है।

होटल, रेस्टारेंट भी बंद होने की कगार पर

व्यवसायिक गैस सिलेंडर की उपलब्धता अचानक प्रभावित होने से इसका सीधा असर नगर के होटल एवं रेस्टारेंट के व्यवसाय पर पड़ा है। रेस्टारेंट संचालक अजय यादव ने बताया कि गैस सिलेंडर का स्टाक नही रखने तथा अचानक गैस सिलेंडर की किल्लत से सीधे उनके व्यवसाय पर प्रभाव पड़ा है। उन्होने बताया कि सिलेंडर नही होने से रेस्टारेंट फिलहाल बंद करने की नौबत आ गई है क्योंकि लकड़ी कोयले की भट्टी का उपयोग करने में विभिन्न प्रकार की परेशानी है। इधर चाय नाश्ता पाईंट के नरेन्द्र गिरी गोस्वामी ने बताया कि गैस की किल्लत बढ़ने के बाद तीन से चार दिन तो स्टाक में रखे सिलेंडर का प्रयोग किया गया लेकिन अब समस्या बढ़ गई है जिससे नही चाहते हुए भी लकड़ी कोयले की भट्टी के उपयोग पर विचार कर रहे हैं अन्यथा होटल बंद करना पड़ेगा।

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