मार्ग और खेतों में बिछी बर्फ की चादर, वृक्षों से गिरी पत्तियां और कैरियां, छतों पर रखे सामान टूटे
Betul Samachar/मुलताई। मुलताई क्षेत्र में शाम 4 बजे के बाद तेज हवा एवं हल्की बारिश के बाद जमकर ओलावृष्टि हुई है जिससे जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा प्रभावित मुलताई के समीप स्थित परमंडल एवं चंदोरा ग्राम हुए हैं जहां लगभग 20 से 25 मिनट तक लगातार ओलावृष्टि हुई जिससे मार्ग एवं खेतों में बर्फ की चादर बिछ गई। इधर मुलताई से दुनावा तक पारड़ सिंगा, डहुआ, खैरवानी, चिखलीकला में भी ओलावृष्टि की खबर मिली है वहीं प्रभात पट्टन क्षेत्र में बिसनूर से आठनेर मार्ग पर भी जमकर ओलावृष्टि होना बताया जा रहा है। परमंडल एवं चंदारों में जहां तेज ओलावृष्टि से वृक्षों की पत्तियां झड़ गई वहीं आम की फसल भी पूरी तरह प्रभावित हो गई। ओलावृष्टि के कारण कैरियां वृक्षों से गिरकर खेत एवं सड़क पर बिछ गई। इधर कच्चे मकानों के कवेलू सहित छतों पर रखे प्लास्टिक के पाईप सहित अन्य सामग्री भी क्षतिग्रस्त हुई है। मुलताई से परमंडल रोड पर स्थिति यह थी कि मार्ग से लेकर खेत तक ओले ही ओले नजर आ रहे थे तथा मार्ग पर ओले जमने से दो पहिया वाहन भी फिसलते देखे गए जिससे वाहन चालकों को बाईक से उतरकर चलना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि चार बजे के बाद अचानक मौसम खराब हुआ तथा पहले तो हवाएं चली फिर हल्की बारिश के साथ ओलावृष्टि प्रारंभ हो गई। ओलावृष्टि इतनी जोरदार थी कि वाहन चालकों को वाहन रोककर आसपास जाकर शरण लेना पड़ा। लोगों को घरों के आसपास बिछे ओलों को फावड़ों से अलग करना पड़ा। किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि से गेंहू की फसल पर भी प्रभाव पड़ा है वहीं सब्जीयां भी प्रभावित होगी।

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प्रभात पट्टन क्षेत्र में भी जमकर हुई ओलावृष्टि
इधर प्रभात पट्टन के बिसनूर सहित आसपास के गांवों में भी जमकर ओलावृष्टि हुई है। बिसनूर से दीपक ने बताया कि शाम चार बजे के बाद ओलावृष्टि प्रारंभ हुई जिससे फसलों को क्षति हो सकती है। उन्होने बताया कि कई किसानों ने फसलें काट कर खेतों में रखी थी जो ओलावृष्टि से खराब हो सकती है। जिन किसानों की कटाई होना बाकि है उनके लिए सबसे अधिक मुसीबत है जिससे उन्हे आर्थिक क्षति होगी। इधर मासोद से प्रवीण जैस्वाल ने बताया कि प्रभात पट्टन क्षेत्र के हिवरखेड़, जामठी सवासन, बलौरा, रगड़गांव, गरवाह सहित आसपास के गांवों में तेज हवा एवं बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है। अचानक हुई भारी ओलावृष्टि से किसान हैरत में है तथा ओलावृष्टि से हुई क्षति का आकलन कर रहे हैं।
कई वर्षों के बाद हुई भारी ओलावृष्टि
परमंडल एवं चंदारों में कई वर्षों बाद ग्रामीणों ने इतनी भारी ओलावृष्टि देखी है जिससे पूरे खेतों में बर्फ की चादर बिछ गई है। परमंडल के किसान रवि बुवाड़े ने बताया कि इतनी भारी ओलावृष्टि वे पहली बार देख रहे हैं जब ओलावृष्टि से सब कुछ तहस नहस हो गया है। उन्होंने बताया कि इस तबाही से किसानों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। इधर चंदोरा के किसान पिरथीलाल डहारे ने बताया कि वर्षों बाद इतनी तेज एवं भारी ओलावृष्टि देखी है जिससे खेत ओलों से भर गए हैं जहां फसल कट चुकी है। वहां तो कोई नुकसान नहीं लेकिन जहां फसल खड़ी है तथा काट कर रखी है उन किसानों की आफत हो गई है। उन्होने बताया कि ओलावृष्टि इतनी भारी हुई है कि कई दिनों तक खेत में ओले जमे रहेंगे।


