Betul Samachar News/मुलताई। शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित किए जा रहे सेवा सप्ताह के अंतर्गत मंगलवार को बाल विवाह विरुद्ध जन जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को बाल विवाह जैसे सामाजिक अभिशाप के प्रति जागरूक करना और समाज से इस कुरीति को समाप्त करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कमलेश सरिया द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. ममता राजपूत ने उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ बनाने की शपथ दिलाई। छात्रों ने संकल्प लिया कि वे न तो बाल विवाह करेंगे और न ही अपने आसपास ऐसा होने देंगे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. रवि शंकर शुक्ल ने बाल विवाह को एक गंभीर सामाजिक कुरीति बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रथा न केवल बच्चों के बचपन को छीनती है, बल्कि उनके शारीरिक और मानसिक विकास में भी बाधक बनती है। इस जागरूकता अभियान में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. भीमराव बरासकर, प्रो. प्रकाश गीते, प्रो. अंजली सौदागर, प्रो. पूजा देशमुख एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। सभी ने एक स्वर में इस कुरीति को समाज से मिटाने पर जोर दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. वर्षा ठाकरे द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. अनुज डोनीवाल ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों और छात्रों का आभार प्रदर्शन किया।

