मध्य प्रदेश में शुरू होंगे मंदिर प्रबंधन के पीजी और डिप्लोमा कोर्स, पढ़ें पूरी खबर

By betultalk.com

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MP Temple Management Course:- मध्य प्रदेश सरकार ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और मंदिरों के प्रबंधन को आधुनिक व पेशेवर बनाने के उद्देश्य से नई पहल शुरू की है। इसके तहत पीजी और डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाएंगे, जिनमें छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

कोर्स में मंदिर प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और धार्मिक अनुष्ठानों के संचालन से जुड़ी पूरी जानकारी प्रदान की जाएगी। इस पहल का मकसद युवाओं को मंदिर प्रबंधन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को व्यवस्थित रूप से विकसित करना है।

सरकार का मानना है कि इससे मंदिरों का बेहतर रखरखाव होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

कोर्स का ढांचा और अवधि

मंदिर प्रबंधन के ये कोर्स दो साल के होंगे। छात्रों को मंदिर प्रशासन, पूजा पद्धति, सुरक्षा, पर्यटन प्रबंधन और वित्तीय व्यवस्थाओं की पूरी ट्रेनिंग दी जाएगी।

कोर्स की प्रमुख बातें

  • धार्मिक अनुष्ठान, वित्तीय प्रबंधन, प्रशासन और पर्यटन की थ्योरी।
  • मंदिर में व्यावहारिक अनुभव, पर्यटक सेवा, सुरक्षा प्रबंधन।
  • छात्रों को रोजगार योग्य बनाने पर जोर।

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प्रमुख धार्मिक स्थलों का विकास

मध्य प्रदेश में मंदिरों का कायाकल्प किया जा रहा है। काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल लोक की तर्ज पर राज्य में कुल 13 नए धार्मिक स्थल विकसित किए जाएंगे। ओंकारेश्वर, चित्रकूट, उज्जैन, मैहर और अन्य प्रमुख स्थलों में भी विकास कार्य चल रहा है।

ये प्रयास न केवल श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक होंगे, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी पैदा करेंगे। इससे धार्मिक पर्यटन में वृद्धि होगी और राज्य का सांस्कृतिक महत्व बढ़ेगा।

उज्जैन बना धार्मिक पर्यटन का केंद्र

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, उज्जैन अब धार्मिक पर्यटन का केंद्र बन गया है। 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के बाद से यहां तीर्थयात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मंदिर प्रबंधन कोर्स के माध्यम से युवाओं को उज्जैन और अन्य धार्मिक स्थलों में प्रशासन, सुरक्षा और पर्यटन प्रबंधन का प्रशिक्षण मिलेगा। यह कदम युवाओं को रोजगार देगा और राज्य के धार्मिक स्थलों का व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करेगा।

रोजगार और करियर अवसर

  • मंदिर प्रशासन अधिकारी
  • धार्मिक पर्यटन गाइड
  • वित्त और सुरक्षा प्रबंधक
  • सांस्कृतिक और ललित कला समन्वयक

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