Sagar Suicide News:– मध्य प्रदेश के सागर जिले में दो दिन में दो बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। सोमवार को सागर जिले के ग्राम हिन्नोद में एक महिला ने अपनी 5 साल की बेटी के साथ कुएं में कूद कर आत्महत्या कर ली। वहीं दूसरी घटना सागर जिले के केसली थाना अंतर्गत टड़ा चौकी क्षेत्र के खमरिया गांव की हैं, जहां एक महिला ने अपनी चार बेटियों को कुएं में फेंककर खुदकुशी कर ली।
घर से 500 मीटर कुएं में मिले बेटियों के शव
सागर जिले के केसली थाना क्षेत्र के नन्ही देवरी खमरिया गांव में गुरुवार को सविता बाई पति चंद्रभान लोधी (30), बेटी अंशिका (7), रक्षा (5), दीक्षा (3) और मनीषा (5 माह) की लाश मिली। परिवार के अनुसार गुरुवार सुबह महिला और बच्चे घर में नहीं मिले तो उनकी तलाश शुरू की गई।
गांव और खेतों में खोजा। घर से करीब 500 मीटर दूर स्थित 20 फीट गहरे कुएं में बड़ी बेटी का शव पानी में दिखा। लाश देखकर पुलिस को सूचना दी गई। लोगों ने अंशिका के शव को पानी से बाहर निकाला।
पुलिस मौके पर पहुंची और संदेह पर कुएं में गोताखोंरों की मदद से सर्चिंग की। इस दौरान तीन और बेटियों के शव मिले। 5 महीने की मनीषा चादर में बंधी हुई थी। मां सविता भी कुएं से करीब 100 मीटर दूर स्थित पेड़ पर फंदे से लटकी मिली।
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बाहर से दरवाजा लगाकर मुझे कमरे में बंद किया
5 साल की उम्र से साथ रह रही मृतका की छोटी बहन मीना लोधी ने बताया कि बुधवार रात को खाना खाने के बाद सभी लोग सो गए थे। घर में मैं, दीदी सविता और चार बच्चे थे। ससुर गांव में एक शादी समारोह में गए थे। मैं अलग कमरे में तीन बच्चियों के साथ सो रही थी। दीदी दूसरे कमरे में छोटी बेटी के साथ सोई थी।
देर रात वह आई। तीनों बेटियों को नींद से उठाकर अपने साथ ले गईं। मेरी नींद खुल गई थी, लेकिन ध्यान नहीं दिया। सुबह जब मैं उठी तो देखा कमरे का दरवाजा बाहर से बंद था।
शादी में गया था, देर रात घर लौटा और सो गया
ससुर ज्ञानी सिंह लोधी ने बताया कि बहू ने बेटियों को कुएं में फेंक कर फांसी लगा ली। मैं तो शादी समारोह से रात करीब 3 बजे घर लौटा। जोर की नींद आ रही थी, इसलिए पलंग पर लेटते ही आंख लग गई।
सुबह मंझले बेटे की बेटी आई। उसने देखा कि बच्चे घर में नहीं हैं। बहू की बहन कमरे में बंद है। उसी ने दरवाजा खोला, जिसके बाद बहू और बच्चियों की तलाश शुरू की। करीब 1 घंटे बाद एक बच्ची का शव कुएं में नजर आया। इसके बाद चारों बच्चियों के शव कुएं में मिले। बहू का शव पेड़ पर लटका था। बहू ने ऐसा कदम क्यों उठाया, यह पता नहीं है।
बेटा 11 महीने से नहीं लौटा घर
पिता ज्ञानी सिंह ने कहा कि बेटा चंद्रभान सिंह लोधी करीब 11 महीने पहले घर से काम पर जाने का कहकर गया था। वह जबलपुर में रहकर बस पर चलता है। कभी-कभार फोन पर बात करता था। इससे पहले भी वह कई बार महीनों घर नहीं लौटता था। मेरे तीन बेटे हैं। तीनों गांव में अलग-अलग घर में रहते हैं। करीब साढ़े 5 एकड़ खेती है, जिसमें से करीब 1 एकड़ खेत चंद्रभान के नाम है।
बेटे की चाह को लेकर पति-पत्नी में तनाव था
मृतक की चार बेटियां थीं। सबसे छोटी बेटी 5 महीने पहले ही पैदा हुई थी। बेटी पैदा होने के बाद भी पति चंद्रभान घर नहीं लौटा। उसने बेटी का चेहरा भी नहीं देखा, जिससे आशंका जताई जा रही है कि बेटी की चाह को लेकर पति-पत्नी के बीच तनाव था। ग्रामीण भी दबी जुबान में यही बोल रहे हैं। हालांकि गांव के लोग खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
5 किमी दूर मायका, बहन रहती है साथ
सविता का मायका पलोह में है, जो ससुराल से करीब 5 किमी दूर है। करीब 9 साल पहले सविता की शादी चंद्रभान से हुई थी। शादी के बाद से सविता की छोटी बहन मीना भी साथ रह रही है। वह यहीं पर रहकर पढ़ाई भी करती है। साथ ही घर के काम में हाथ बंटाती है।

