WhatsApp की प्राइवेसी पर संकट! Meta पर आरोप—यूजर्स के पर्सनल मैसेज पढ़ने का दावा

By betultalk.com

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WhatsApp के एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन फीचर को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। Meta के स्वामित्व वाले इस इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर अमेरिका में एक नया मुकदमा दायर किया गया है। आरोप है कि कंपनी यूजर्स की निजी चैट्स तक पहुंच बना सकती है, जिससे WhatsApp की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

यह मुकदमा एक इंटरनेशनल ग्रुप द्वारा दायर किया गया है, जिसमें दावा किया गया है कि WhatsApp का एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। मामले के सामने आने के बाद टेक इंडस्ट्री में हलचल मच गई है।

इस विवाद पर टेस्ला और X (पूर्व में ट्विटर) के मालिक Elon Musk ने भी प्रतिक्रिया दी है। मस्क ने कहा कि “WhatsApp सुरक्षित नहीं है”, जिससे यूजर्स की चिंताएं और बढ़ गई हैं।

इतना ही नहीं, इस पूरे मामले के बीच Signal ऐप की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, अभी तक Signal की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

फिलहाल Meta की तरफ से भी इस मुकदमे पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, लेकिन आने वाले दिनों में यह मामला डिजिटल प्राइवेसी और यूजर डेटा सुरक्षा को लेकर बड़ी बहस छेड़ सकता है।

                                                   इन 5 प्वॉइंट्स में वॉट्सऐप पर लगे इस आरोप को समझते हैं..

वॉट्सऐप का प्राइवेसी दावा झूठा?

अमेरिका के सेन फ्रेंसिस्को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में वॉट्सऐप के खिलाफ यह मुकदमा दायर किया गया है, जिसमें कहा गया है कि कंपनी एनक्रिप्शन फीचर के नाम पर यूजर्स को भ्रमित कर रही है। हालांकि, मेटा यूजर्स के चैट्स को गैरकानूनी तरीके से स्टोर करती है और उनमें की गई बातों को एनालाइज करती हैं ताकि इसका इस्तेमाल ऐड जेनरेशन के लिए किया जा सके।

भारत समेत कई देशों में भी उठे सवाल

वॉट्सऐप के एनक्रिप्शन फीचर पर भारत समेत कई देशों में भी सवाल उठाए जा चुके हैं। भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के प्लेन्टिफ ग्रुप ने वॉट्सऐप के एनक्रिप्शन फीचर वाले दावे को खोखला बताया है।

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क्या वॉट्सऐप पर होगा एक्शन?

इस मामले में वॉट्सऐप पर एक्शन की संभावना बेहद कम है, क्योंकि ऐसे मामलों में कोर्ट को ठोस सबूत की जरूरत होती है। प्लेन्टिफ ग्रुप के लिए इस तरह के आरोप के लिए सबूत जुटाना मुश्किल है। ऐसे में आरोप साबित करने में काफी लंबा समय लग सकता है।

एलन मस्क भी उठा चुके हैं सवाल

वॉट्सऐप पर लगे इस आरोप पर एलन मस्क ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। मस्क ने वॉट्सऐप को असुरक्षित बताया है। साथ ही, सिग्नल के एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन पर भी मस्क ने सवाल उठा दिए हैं।

मेटा ने कहा आरोप बेबुनियाद

वॉट्सऐप के ग्लोबल हेड ने इन आरोपों को बेबुनियाद बता दिया है। मेटा ने वॉट्सऐप पर मुकदमा करने वाले वकीलों के खिलाफ केस करने की तैयारी की है। इसके लिए कंपनी कानूनी सलाह ले रही है। कंपनी के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने वॉट्सऐप पर लगे इन आरोंपो को गलत बताया है।

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