अधिवक्ता द्वारा ताप्ती नाला अतिक्रमण मुक्त करने नहीं ली जा रही फीस
Betul Ki Khabar/मुलताई। मां ताप्ती से जुड़े बहुचर्चित ताप्ती नाला प्रकरण में एक अहम प्रगति सामने आई है। संबंधित विभाग द्वारा नाले का सीमांकन कर उसकी रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत कर दी गई है। नगर पालिका परिषद के अधिवक्ता पंकज यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा सीमांकन रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने के बाद वादियों की ओर से उस पर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। अब न्यायालय में इन आपत्तियों पर सुनवाई के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिवक्ता पंकज यादव ने बताया कि ताप्ती नाला से जुड़े कुल 8 प्रकरण वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन हैं। विभाग द्वारा सीमांकन की प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई है, लेकिन वादियों की ओर से उस पर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। इन आपत्तियों पर न्यायालय में सुनवाई के बाद आगे की कार्यवाही विधि अनुसार की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह मामला लंबे समय से नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है और इससे मां ताप्ती से जुड़े क्षेत्र के संरक्षण का मुद्दा भी जुड़ा हुआ है।जनहित और मां ताप्ती के प्रति आस्था से कर रहे पैरवी अधिवक्ता पंकज यादव ने बताया कि इन सभी प्रकरणों में अब तक जो भी व्यय हुआ है, वह उनके द्वारा स्वयं वहन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मामला उनकी जन्मभूमि और मां ताप्ती से जुड़ा हुआ है, इसलिए वे इसे केवल एक कानूनी प्रकरण नहीं बल्कि जनहित और आस्था से जुड़ा विषय मानते हैं। इसी कारण वे इस मामले में तन, मन और धन से समर्पित होकर कार्य कर रहे हैं।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इन प्रकरणों में वे नगर पालिका से किसी प्रकार की फीस नहीं लेंगे और जनहित में अपनी सेवाएं देते रहेंगे। अधिवक्ता पंकज यादव ने कहा कि नगर के विकास, पर्यावरण संरक्षण और जनहित से जुड़े मामलों में वे आगे भी इसी प्रकार निःस्वार्थ भाव से अपना सहयोग देते रहेंगे। उनका कहना है कि मां ताप्ती से जुड़े मामलों का संरक्षण और न्यायालय के माध्यम से उचित समाधान निकलना पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है।

