रसूखदार नही करने दे रहे जलस्त्रोत पर अधिग्रहण, सरपंच ने अधिकारियों से लगाई गुहार
Betul Samachar/मुलताई। नगर के समीपस्थ ग्राम कामथ में इन दिनों जल संकट गहरा गया है जिससे ग्राम वासियों को जहां चार दिन के अंतराल में पानी मिल रहा है वहीं कामथ पंचायत के तीन वार्डों में लगभग एक सप्ताह से जल प्रदाय नही होने से पानी की त्राहि त्राहि मच गई है जिससे आक्रोषित ग्रामीणों ने पंचायत भवन पहुंचकर जल प्रदाय की व्यवस्था सुचारू करने की मांग की है। पूरे मामले में सामने आया है कि भीषण गर्मी से पंचायत के जलस्त्रोतों का जल स्तर घटने से समस्या विकराल हो रही है वहीं कुछ जलस्त्रोतों को अधिग्रहित करने से रसूखदार मना कर रहे हैं। नियमानुसार प्रशासन द्वारा स्थिति को देखते हुए तत्काल जलस्त्रोत अधिग्रहित करना चाहिए लेकिन अधिकारियों की लापरवाही एवं उदासीनता के कारण स्थिति दिन पर दिन बद से बदतर होती जा रही है। कामथ के वार्ड क्रमांक 5,6, एवं 7 के रहवासियों ने बताया कि पहले जहां चार दिनों के अंतराल में पानी मिलता था लेकिन विगत एक सप्ताह से पानी की सप्लाई पूर्णतः बंद हो गई है जिससे उन्हे बाहर से पानी खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है। रहवासियों ने बताया कि पानी खरीदना मजबूरी बन गई है वहीं निर्धन तबके के लोग जल संकट से जूझ कर परेशान हो चुके हैं।
रसूखदार नही करने दे रहे जलस्त्रोत अधिग्रहित
जल संकट के संबन्ध में कामथ सरपंच सरपंच पुष्पा जीतू डहारे ने बताया कि पूर्व में तीन बोर तथा तीन कुंए अधिग्रहित किए गए थे लेकिन भीषण गर्मी के कारण जलस्तर नीचे जाने से जल संकट गहरा गया है। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों के पास 24 घंटे पानी उगलने वाले जलस्त्रोत मौजूद हैं लेकिन उनके द्वारा जलस्त्रोतों को अधिग्रहित नहीं करने दिया जा रहा है जिससे समस्या गहरा गई है। उन्होने बताया कि पंचायत द्वारा पांच से छः जलस्त्रोतों का पानी शासकीय कुंए में एकत्रित कर सप्लाई की जा रही है तथा जैसे तैसे रहवासियों को जल प्रदाय किया जा रहा है।
तीन वार्डों के लोग स्वयं कर रहे पानी की व्यवस्था
पंचायत द्वारा जल प्रदाय नही करने से कामथ के तीन वार्डों के लगभग 250 रहवासी स्वयं पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि ग्रीष्मकाल के चलते पानी की अधिक खपत हो रही है वहीं पंचायत से पानी नही मिलने पर वे पानी खरीदकर जलापूर्ति कर रहे हैं। उन्होने बताया कि आगामी मई माह में स्थिति और अधिक विकराल हो सकती है जिसके लिए पंचायत को तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करना आवश्यक है।
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एसडीएम से जलस्त्रोत अधिग्रहण की लगाई गुहार
जलस्तर नीचे जाने तथा अधिकांश जलस्त्रोत सूखने के कारण पंचायत सरपंच द्वारा एसडीएम से जलस्त्रोतों के अधिग्रहण की गुहार लगाई गई है। सरपंच पुष्पा डहारे ने बताया कि यदि गांव के ही चौबिस घंटे चलने वाले जलस्त्रोत प्रशासन अधिग्रहित करके देता है तो कुछ हद तक पानी की समस्या का समाधान हो सकता है। सरपंच ने बताया कि 1 मई को एसडीएम राजीव कहार द्वारा स्थिति का निरीक्षण किया जाएगा जिसके उपरांत जलस्त्रोतों का अधिग्रहण किया जाएगा।
पीएचई विभाग से दो बोर की स्वीकृति की मांग
सरपंच पुष्पा डहारे ने बताया कि जल संकट की स्थिति देखते हुए पीएचई को दो बोर की टीएस के लिए लिखा गया है जिसकी स्वीकृति होते ही बोर किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जिन वार्डों में फिलहाल जल प्रदाय नहीं किया जा रहा है उसके लिए बाकि वार्डों का जल प्रदाय रोककर उन वार्डों को जल प्रदाय किया जाएगा। सरपंच के अनुसार कामथ में जहां जल संकट गहरा रहा है वहीं कामथ में सम्मिलित अन्य गांवों की भी स्थिति खराब है इसलिए शीघ्र समस्या का समाधान करने के लिए अधिकारियो से गुहार लगाई जा रही है।

