ग्रामीण अंचलों में बढ़ा जलसंकट, दिन पर दिन गहराते जा रही समस्या
Betul Samachar/मुलताई। इस वर्ष गर्मी ने विगत वर्षों की अपेक्षा अधिक रौद्र रूप दिखाया है जिससे अप्रैल माह में ही तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया जो विगत वर्षों में कभी मई माह में पहुंचा करता था। भीषण गर्मी का आलम यह है कि कभी नहीं सूखने वाले जलस्त्रोत भी सूख रहे हैं वहीं जलस्तर रसातल में जा रहा है जिससे आगामी 1 से डेढ़ माह में लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। नगर का समीपस्थ जलाशय बूकाखेड़ी इस वर्ष गर्मी में पूरी तरह सूख गया है। पहले जहां छिंदवाड़ा मार्ग पर दोनों ओर जलाशय का पानी ही पानी नजर आता था वहीं अब जलाशय सूखने से नाममात्र का पानी नजर आ रहा है। डूब क्षेत्र में पानी सूखने से किसानों ने फसल लगा दी है वहीं आगामी एक माह में जलाशय पूरी तरह सूख सकता है। इसके अलावा चंदोरा जलाशय तथा बुंडाला जलाशय का भी जलस्तर कम हो चुका है। इस वर्ष मार्च एवं अप्रैल माह में भीषण गर्मी के कारण अब जल संकट दिन पर दिन गहराते जा रहा है जिसके लिए नगर सहित ग्रामीण अंचलों में पानी की पूर्ति करना एक चुनौती बन गया है। ग्रामीण अंचलों में भी कुंए तालाब आदि सूखने की कगार पर है वहीं जल स्तर गिरने से ट्यूब वेल दम तोड़ चुके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि आग एक से डेढ़ माह तक पानी की अधिक किल्लत रहेगी जिसे लेकर अपने व्यस्त कार्यों को छोड़कर पानी की तलाश करना होगा।
नगर में भी सूख रहे जलस्त्रोत
मई माह में गर्मी के तीखे तेवर का असर अब नगर में भी नजर आने लगा है। नगर में भी पूरे वर्ष भर जलापूर्ति करने वाले जलस्त्रोत दम तोड़ने लगे हैं। लगातार जलस्तर में गिरावट से ट्यूब वेल भी पानी उगलना बंद कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में पूरे नगर को पर्याप्त जलापूर्ति करने के लिए नगर पालिका चौबिसों घंटे प्रयासरत है तथा बोर के माध्यम से जल संग्रहण कर नगर के अधिकांश हिस्सों में जल प्रदाय किया जा रहा है। उपयंत्री योगेश अनेराव के अनुसार ट्यूबवेल की स्थिति नगर में 26 नलकूप एवं बोर में से आधे नलकूप बंद हो चुके हैं वहीं कई बंद होने की कगार पर हैं। इधर अधिग्रहित कुंओं से जलापूर्ति का प्रयास किया जा रहा है जिसमें से कई कुंओं का जलस्तर नीचे चला गया है। उन्होने बताया कि हरदौली बांध से नगर के लिए जल प्रदाय किया जा रहा है लेकिन वहां ग्रामीण फीडर होने से विद्युत प्रभावित रहती है जिससे जलापूर्ति में बाधा उत्पन्न हो रही है।
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वन्य प्राणियों का ग्रामीण अंचलों की ओर रूख
भीषण गर्मी के कारण जंगलों में भी जलस्त्रोत लगभग सूख चुके हैं जिससे नगर सहित ग्रामीण अंचलों के आसपास वन्य प्राणी नजर आ रहे हैं जो पानी की तलाश में पहुंच रहे हैं। हिरण, जंगली सूअर, नीलगाय तथा बंदरों की बड़ी संख्या नगर के आसपास सुबह एवं शाम देखी जा सकती है। पानी की तलाश में वन्य प्राणी भटक रहे हैं तथा इस दौरान दुर्घटनाओं का भी शिकार होते हैं। नगर के छिंदवाड़ा, बोरदेही, प्रभात पट्टन, नागपूर सहित पारेगांव, खरसाली तथा अन्य मार्गों पर सुबह शाम बड़ी संख्या में वन्य प्राणियों को देखा जा रहा है।
पानी व्यर्थ नही बहाने की अपील, पंछियों के लिए रखें सकोरे
भीषण गर्मी तथा लगातार गहराते जल संकट के दृष्टिगत पर्यावरण संरक्षक तथा जागरूक नागरिकों द्वारा लोगों से पानी सहेज कर वापरने तथा व्यर्थ नही बहाने की अपील की जा रही है। सेवाभावी कार्य करने वाले यादोराव निंबालकर, रामदास देशमुख सहित अन्य लोगों ने बताया कि लोगों से अपील की जा रही है कि पानी व्यर्थ नहीं बहाएं साथ ही पंछियों के लिए अपने घरों के सामने सकोरे में पानी रखें ताकि प्यास से व्याकुल पंछियों की मौत ना हो। उन्होने बताया कि एक बूंद पानी किसी पंछी की जान बचा सकता है जिसके लिए वे लोगों से लगातार अपील कर रहे हैं। उन्होने बताया कि आगे गर्मी के और तीखे तेवर देखने को मिल सकते हैं जिसके लिए हमें अलर्ट रहने की जरूरत है। I

