Betul Ki Taja Khabar: 23 वर्षों से पाल पोस कर बड़ा किया बरगद का पेड़ कटने की कगार पर

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                                         गायत्री परिवार ने कहा स्कूल निर्माण में चढ़ सकती है हरे भरे पेड़ की बलि

Betul Ki Taja Khabar/मुलताई। गायत्री परिवार द्वारा 23 वर्ष पूर्व सांदिपनि स्कूल परिसर के पास बरगद का पौधा लगाया गया था जो 23 वर्ष बाद पेड़ बन गया है। प्रतिवर्ष 23 दिसबंर को गायत्री परिवार के सदस्य मिलकर पेड़ का जन्मदिवस मना कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हैं। लेकिन सांदिपनि स्कूल के नये भवन निर्माण में वर्षों पुराना यह पेड़ कटने की कगार पर है जिसके लिए गायत्री परिवार के सदस्यों द्वारा यह प्रयास किया जा रहा है कि स्कूल निर्माण में हरे भरे पेड़ की बलि ना चढ़े। गायत्री परिवार के रामदास देशमुख तथा यादोराव निंबालकर ने बताया कि गायत्री परिवार द्वारा वर्षों से नगर के विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण किया जा रहा है तथा पौधों को पाल पोस कर पेड़ बनाए जा रहे हैं ताकि लोगों को इसका लाभ मिल सके साथ ही अन्य लोग भी पौधारोपण के लिए प्रेरित हो सके। उन्होने कहा कि 23 वर्ष पूर्व जिस बरगद के पेड़ को रोपा गया था वह पेड़ बनने के बाद स्कूल निर्माण के चलते कटने की कगार पर है। उन्होने कहा कि स्कूल प्रबंधन चाहे तो हरा भरा पेड़ कटने से बचा सकता है क्योंकि उक्त पेड़ की वट सावित्री सहित अन्य पर्वो पर महिलाएं पूजन भी करती है। ऐसी स्थिति में यदि स्कूल परिसर में हरा भरा पेड़ रहेगा तो परिसर में भी रौनक बनी रहेगी। गायत्री परिजनों ने बताया कि जहां तक बने हमें पेड़ कटने से रोकना होगा क्योंकि एक पौधे को पेड़ बनने में वर्षों लग जाते हैं जिनकी देखभाल भी जतन से करना पड़ता है। गायत्री परिवार द्वारा स्कूल परिसर में लगे बरगद के पेड़ को मवेशियों सहित अन्य कठिनाईयों से बचा कर बड़ा किया गया है इसलिए ऐसी उम्मीद भी की जा रही है कि स्कूल प्रबंधन भी पेड़ बचाने का प्रयास करेगा।

प्रतिवर्ष विधि विधान से मनाया जाता है जन्मदिवस

गायत्री परिवार के सदस्यों के द्वारा लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए 23 वर्ष पूर्व लगाए गए बरगद के पेड़ का जन्मदिवस मनाया जाता है। पेड़ का पूजन कर मिष्ठान्न का वितरण किया जाता है साथ ही पौधे लगाने का संदेश भी दिया जाता है। गायत्री परिजनों ने बताया कि यदि 23 वर्ष से पाल पोस कर बड़ा किया पेड़ कटता है तो सभी को दुख होगा। उन्होने कहा कि सभी लोगों का बरगद के पेड़ से भावनात्मक रिश्ता है इसलिए पेड़ को बचाना आवश्यक है क्यों कि जिस जगह पेड़ लगा है वहां बिना क्षति पहुंचाए भी कार्य हो सकता है।

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इनका कहना है
स्कूल परिसर में रोड का निर्माण किया जा रहा है जिसके बीच में पेड़ आ रहा है इसलिए प्रयास किया जा रहा है कि पेड़ को कहीं अन्यत्र शिफ्ट कराया जाए।
संदीप गणेश प्राचार्य सांदीपनि स्कूल मुलताई

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