बड़ी बड़ी दुकानें लगाकर बेची जा रही सामग्री, लग रही भीड़, हो सकती है दुर्घटनाएं
Betul News/मुलताई। नगर के मुख्य मार्ग पर एसडीओपी कार्यालय के सामने धीरे धीरे अतिक्रमण ने पैर पसारना प्रारंभ कर दिया है। पहले जहां मार्ग के किनारे वाहनों का अतिक्रमण था वहीं अब बड़ी बड़ी दुकानें लग रही है जहां ग्राहकों की भीड़ होने से कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से अतिक्रमण पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है जिससे लोगों में रोष व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार एसडीओपी कार्यालय से मंगलवार बाजार तक मुख्य मार्ग के किनारे बाहर से फर्नीचर सहित अन्य सामग्री की दुकानें आकर लग रही है। व्यापारी मुख्य मार्ग से सटकर ही सामान बेच रहे हैं तथा सामान खरीदने वालों की भीड़ लग रही है। मुख्य मार्ग पर यात्री बसों सहित भारी वाहनों की आवाजाही लगी रहती है ऐसी स्थिति में मार्ग पर भीड़ होने से किसी गंभीर घटना से इंकार नहीं किया जा सकता। पूर्व में उक्त मार्ग पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी है इसके बावजूद प्रशासन द्वारा अस्थाई अतिक्रमण के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लेना चर्चा का विषय है।
Read Also: राहगीरों को राहत: भीषण गर्मी में शीतल जल हेतु प्याऊ का शुभारंभ
आसपास के रहवासियों ने बताया कि सुबह से ही प्लास्टिक के टेबल कुर्सी सहित लकड़ी एवं प्लायवूड के फर्नीचर वाले सड़क से सटकर ही फर्नीचर जमाना प्रारंभ कर देते हैं। ऐसे में ग्राहकों को सामान खरीदने के लिए सड़क पर ही खड़ा रहना पड़ता है जिससे वे वाहनों की चपेट में आ सकते हैं। पूर्व में नगर पालिका द्वारा मुख्य मार्ग का लंबे समय से जमा अतिक्रमण हटाया गया था लेकिन वर्तमान में अस्थाई अतिक्रमण अब धीरे धीरे स्थाई होता जा रहा है। नागरिकों ने बताया कि पहले कभी कभी फर्नीचर बेचने वाले आते थे लेकिन अब वे स्थाई रूप से सामान रखकर बिक्री कर रहे हैं जिससे आवागमन में भी परेशानी हो रही है। उक्त मार्ग से एसडीओपी सहित राजस्व के भी अधिकारियों के वाहन गुजरते हैं लेकिन किसी भी अधिकारी द्वारा अतिक्रमण पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

खड़े रहते हैं ट्रक कंटेनर सहित भारी वाहन
एसडीओपी कार्यालय के पास जहां एक ओर बड़ी संख्या में दुकानें लगाकर अतिक्रमण किया जा रहा है वहीं मार्ग के किनारे बड़े ट्रक, कंटेनर सहित अन्य चार पहिया वाहन चौविसों घंटे खड़े नजर आते हैं। उक्त स्थल पर वाहनों की रिपेयरिंग का भी कार्य किया जाता है जिससे कभी भी वाहन कम नहीं होते। ऐसी स्थिति में प्रशासन द्वारा मार्ग के किनारे खड़ वाहनों को तत्काल हटाया जाना आवश्यक है अन्यथा किसी दिन कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उक्त मार्ग पर समीप ही शासकीस सामुदायिक केन्द्र होने से एंबुलेंस सहित अन्य वाहनों की भी आवाजाही लगी रहती है जो आपतकालीन स्थिति के कारण तेज रफ्तार में होते हैं ऐसी स्थिति में कभी भी खड़े वाहनों से दुर्घटना हो सकती है।

