प्रशासनिक कार्रवाई में विलंब से ताप्ती भक्तों में रोष व्याप्त, हमेशा से टलता जा रहा अतिक्रमण
BETUL NEWS/मुलताई। नगर में प्रशासन द्वारा जिस तत्परता से पुराने अस्पताल की भूमि का अतिक्रमण एक ही दिन में हटाया गया वैसी ही तत्परता ताप्ती भक्त ताप्ती क्षेत्र में व्याप्त अतिक्रमण को हटाने के लिए भी देखना चाह रहे हैं। लेकिन ताप्ती क्षेत्र का अतिक्रमण हटाने में प्रशासन द्वारा वर्षों से सिर्फ औपचारिकता की जा रही है तथा कोई ना कोई कारण बताकर अतिक्रमण को हटाने में टाला मटोली की जा रही है। पवित्र नगरी में चाहे ताप्ती जल आवक मार्ग का अतिक्रमण हो या ताप्ती क्षेत्र के आसपास का वर्षों से इसकी कार्रवाई चल रही है लेकिन हर बार अतिक्रमण मुहीम की टीम बनने के बावजूद अतिक्रमण नही हटाया गया। इसके साथ ही ताप्ती सरोवर के सौंन्दर्य में बाधक दुकानों को भी हटाने के लिए प्रशासन द्वारा कोई तत्परता नही दिखाई जा रही है जिससे ताप्ती क्षेत्र का अतिक्रमण दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। प्रशासनिक लचरता के खिलाफ ताप्ती भक्तों में अब भारी रोष देखा जा रहा है तथा ताप्ती क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की मांग भी जोर पकड़ने लगी है। पूरे मामले में कभी कोर्ट तो कभी अन्य कारण बताकर ताप्ती क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने में प्रशासन पल्ला झाड़ते हुए नजर आ रहा है। इधर प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत बार बार सिर्फ ताप्ती क्षेत्र के अतिक्रमण का सीमांकन किया जा रहा है लेकिन हकीकत के धरातल पर नतीजा शून्य नजर आ रहा है। I
कानूनी दांव पेंच में उलझा सरोवर के सौंदर्य में बाधक 17 दुकानों का मामला
लगभग 50 वर्ष पूर्व ताप्ती सरोवर तट पर मुख्य मार्ग से लगकर नगर पालिका द्वारा 17 दुकानों का निर्माण किया गया था लेकिन उक्त दुकानों के निर्माण से ताप्ती सरोवर का पूरा सौंदर्य बाधित हो गया था। समय के साथ साथ दुकानों की लीज समाप्त हो गई वहीं संबन्धित विभाग के द्वारा दुकानों को कंडम घोषित कर दिया गया इसके बावजूद नगर पालिका द्वारा दुकानों को नही ढहाया गया जिसके कारण ताप्ती सरोवर मुख्य मार्ग से नजर नही आता है। यहां सवाल यह उठता है कि कंडम हो चुकी क्षतिग्रस्त दुकानों से यदि कोई घटना दुर्घटना होती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। क्योंकि दुकानों की लीज समाप्त हो चुकी है तथा लंबे समय से दुकानों को हटाने की मांग भी जागरूक नागरिकों के द्वारा की जा रही है इसके बावजूद खतरनाक स्थिति में दुकानें खड़ी हुई हैं तथा दुकानदार भी बेखौफ व्यापार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि अधिकांश दुकानों की बिक्री हो चुकी है तथा वास्तविक खरीददार वर्तमान में मौजूद नही है। उक्त दुकानों से अब नगर पालिका को कोई आवक भी नही हो रही है ऐसी स्थिति में दुकानों को हटाने की मांग फिर एक बार तेज हो चुकी है।

बार बार सीमांकन के बावजूद नही हटाया जा रहा जलआवक मार्ग का अतिक्रमण
नगर में रेलवे स्टेशन की ओर से ताप्ती सरोवर में आने वाले जल आवक मार्ग के उपर सहित आसपास वर्षों से कुछ लोगों द्वारा पक्का अतिक्रमण किया गया है। अतिक्रमण हटाने की तमाम प्रशासनिक प्रक्रिया होने के बावजूद अतिक्रमण नही हटाया जा रहा है जिससे ताप्ती सरोवर में पर्याप्त मात्रा में अतिक्रमण के कारण जल नही जा रहा है। इसके लिए बार बार सीमांकन किया जा रहा है लेकिन अतिक्रमण नही हटाया जा रहा है। पहले जल आवक मार्ग जहां खासा चौड़ा हुआ करता था वहीं अब पक्का अतिक्रमण होने से नजर ही नही आ रहा। जल आवक मार्ग को अतिक्रमण से पहले संकरा कर दिया गया जिसके बाद उसके उपर भी अतिक्रमण कर लिया गया जिससे जल आवक मार्ग नजर आना भी बंद हो गया है। बताया जा रहा है उक्त जल आवक मार्ग पर प्रशासन द्वारा 10 लोगों का अतिक्रमण चिन्हित कर समस्त प्रक्रिया करने के बावजूद अतिक्रमण हटाने में लेट लतीफी की जा रही है तथा किसी ना किसी कारण से अतिक्रमण नही हटाया जा रहा है। ऐसी स्थिति में ताप्ती भक्त अतिक्रमण हटाने की राह देख रहे हैं ताकि अतिक्रमण हटने से स्टेशन की ओर से बारिश में ताप्ती सरोवर में पर्याप्त मात्रा में पानी की आवक हो सके।
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इनका कहना है
मकान मालिकों की आपत्ति खारिज
मुलताई। मां ताप्ती उद्गम नाला प्रकरण में सीमांकन रिपोर्ट को लेकर दायर की गई मकान मालिकों की आपत्तियों को न्यायालय ने खारिज कर दिया है। नगर पालिका के अधिवक्ता पंकज यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि ताप्ती उद्गम नाले से संबंधित मामले में विभाग द्वारा प्रस्तुत सीमांकन रिपोर्ट पर कुछ मकान मालिकों ने न्यायालय में आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मकान मालिकों की आपत्तियों को निरस्त कर दिया। अब मामल में स्थगन आदेश स्टे के संबंध में बहस होगी।
पंकज यादव अधिवक्ता नगर पालिका मुलताई

