आरोप- समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण घायल ने तोड़ा दम
BETUL NEWS/भैंसदेही/मनीष राठौर:- भैंसदेही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भैंसदेही में इलाज में लापरवाही के आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया और सडक़ पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। परिजन और ग्रामीण डॉक्टरों पर कार्रवाही की मांग कर रहे थे। आरोप है कि डॉक्टरों के समय पर उपचार नहीं किये जाने के कारण घायल की मौत हो गई। यदि सहीं समय पर उपचार मिल जाता तो घायल को बचाया जा सकता था। दरअसल भैंसदेही-बरहापुर- झल्लार रोड पर रविवार रात दो बाइक आमने-सामने टकरा गईं। इस हादसे में पोहर निवासी जगदीश पिता गणपति अड़लक (40) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं मालेगांव निवासी अंकुश पिता धनराज वाघमारे (22) को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। हादसे में घायल मालेगांव निवासी भूपेंद्र पिता धर्मराज वाघमारे (22) और पोहर निवासी सुनीता जगदीश अड़लक (38) को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल बैतूल रेफर किया गया है। जहां दोनों का इलाज जारी है। इधर सूचना मिलते ही एसडीएम, एसडीओपी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सहित पुलिस मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद हंगामा शांत हुआ।

परिजनों का आरोप, इलाज के लिए डॉक्टरों का करते रहे इंतजार
घटना के बाद मृतकों के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां डॉक्टरों और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस हो गई। लोगों ने आरोप लगाया कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने गंभीर घायलों का समय पर उपचार नहीं किया। जिसके कारण घायल की मौत हो गई। मृतक अंकुश वाघमारे के पिता दिनेश वाघमारे ने आरोप लगाया कि डॉक्टर अपने केबिन में बैठे रहे और उनके बेटे को देखने तक नहीं आए। उनका आरोप है कि जब परिजनों ने डॉक्टर से विनती की, तो उन्होंने कहा खुद जाकर देख लो, कहकर नाराजगी जाहिर करने लगे। आरोप है कि समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण घायल की मौत हो गई। जिससे आक्रोशित लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के सामने विरोध करना शुरू कर दिया। काफी देर रात तक हंगामा होते रहा।
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सड़क पर शव रखकर किया चक्काजाम
इलाज में लापरवाही से नाराज ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और दोनों शवों को सडक़ पर रखकर चक्काजाम कर दिया। परिजन और ग्रामीणों ने काफी देर तक अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी भी की। स्थिति बिगड़ने पर मौके पर एसडीएम अजीत मरावी, एसडीओपी भुपेन्द्र सिह मौर्य और भारी पुलिस बल पहुंचा। भैंसदेही और आठनेर से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। स्थानीय लोगों ने यह मुद्दा भी उठाया कि भैंसदेही जैसे बड़े स्वास्थ्य केंद्र में पूर्णकालिक बीएमओ (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) की नियुक्ति नहीं है। वर्तमान में भीमपुर के बीएमओ डॉ. दीपक निगवाल को भैंसदेही का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित होने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

जानकारी मिलते ही रात में ही भैंसदेही पहुंचे सीएमएचओ
मृतक के परिजनों और ग्रामीणों द्वारा विरोध प्रदर्शन किये जाने की सूचना मिलते ही सीएमएचओ मनोज हुरमाड़े रात्रि में ही भैंसदेही पहुंचे। सीएमएचओ ने मृतक के परिजनों और ग्रामीणों से चर्चा की। पूरे मामले की जानकारी हासिल करने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज हुरमाड़े ने मामले की जांच कराने और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीण और परिजनों ने प्रदर्शन बंद किया। ग्रामीणों का आरोप है कि भैंसदेही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। यहां डॉक्टरों की कमी के कारण ग्रामीणों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता है। जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

