आशुतोष मालवीय की नक्शा सुधार समस्या पर कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने 2 सप्ताह में समाधान के दिए कड़े निर्देश

By betultalk.com

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Betul Samachar/भैंसदेही/मनीष राठौर:- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में आयोजित जिला कलेक्टर डॉ. सोनवणे की नियमित जनसुनवाई में भैंसदेही तहसील के निवासी आशुतोष मालवीय ने अपनी जमीन के नक्शा सुधार से जुड़ी लंबित समस्या को उठाया। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम भैंसदेही को 2 सप्ताह के भीतर प्रकरण का पूर्ण निराकरण करने के सख्त निर्देश जारी किए। यह घटना जिला प्रशासन की जन-केंद्रित नीति को दर्शाती है।

पीड़ित की लंबी लड़ाई: नक्शा सुधार की जटिल समस्या
भैंसदेही के स्थानीय निवासी आशुतोष मालवीय ने जनसुनवाई स्थल पर पहुंचकर बताया कि उनकी पैतृक जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में नक्शा सुधार का आवेदन कई माह पहले जमा किया गया था, लेकिन अब तक कोई प्रगति नहीं हुई। “इस समस्या के कारण मैं अपनी जमीन पर कोई निर्माण या बिक्री नहीं कर पा रहा हूं। कई बार विभागीय दौड़-भाग के बावजूद कोई समाधान नहीं मिला,” मालवीय ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा।

ऐसी समस्याएं ग्रामीण क्षेत्रों में आम हैं, जहां पुराने नक्शों में सीमांकन त्रुटियां या अपडेट की कमी से किसानों व संपत्ति मालिकों को परेशानी होती है। मालवीय का केस राजस्व विभाग की लापरवाही का उदाहरण बन गया।

कलेक्टर का त्वरित हस्तक्षेप और निर्देश
जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने शिकायत को विस्तार से सुना और संबंधित दस्तावेजों की जांच की। उन्होंने एसडीएम भैंसदेही को मौके पर ही निर्देश दिए, “इस प्रकरण का समुचित एवं पूर्ण निराकरण 2 सप्ताह के अंदर सुनिश्चित करें। कोई बहाना स्वीकार नहीं होगा। प्रगति रिपोर्ट जमा करें।”

कलेक्टर ने यह भी जोर दिया कि सभी लंबित राजस्व मामलों पर प्राथमिकता दी जाए, ताकि आमजन को न्याय मिले। इस दौरान अन्य अधिकारियों को भी सतर्क रहने की हिदायत दी गई।

जनसुनवाई का महत्व और अन्य शिकायतें
बैतूल जिला प्रशासन द्वारा आयोजित होने वाली यह जनसुनवाई जिला मुख्यालय में आयोजित की जाती है, जहां कलेक्टर सीधे नागरिकों की समस्याएं सुनते हैं। आज की सुनवाई में नक्शा सुधार के अलावा सड़क निर्माण, पेंशन वितरण और बिजली संबंधी कई शिकायतें प्राप्त हुईं। कलेक्टर ने सभी पर तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पिछले माह जनसुनवाई में अधिक शिकायतें निस्तारित हो चुकी हैं, जो पारदर्शिता और त्वरित न्याय की दिशा में सकारात्मक कदम है।

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प्रभाव और भविष्य की उम्मीदें
इस निर्णय से आशुतोष मालवीय को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कलेक्टर का आभार जताते हुए कहा, “अब मुझे लगता है कि मेरी समस्या हल हो जाएगी।” जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नक्शा सुधार जैसे मामलों में अब डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग तेजी से किया जाएगा।

नागरिकों से अपील की गई है कि ऐसी समस्याओं के लिए सीधे जनसुनवाई या ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग करें।

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