बघोड़ा, सोनोरा तथा कामथ सहित अन्य ग्रामों में जलस्तर गिरने से बढ़ी परेशानी
Betul Samachar/मुलताई। इस वर्ष गर्मी तीव्र एवं भीषण होने से ग्रामीण अंचलों में अप्रैल के अंत से ही जलस्तर गिरना प्रारंभ हो गया जिससे मई माह में अधिकांश जलस्त्रोत सूख गए हैं। ग्रामीण अंचलों में जलस्तर गिरने से नल जल योजनाएं प्रभावित हो गई है ऐसी स्थिति में ग्रामीणों को पानी के लिए दूर दराज के क्षेत्रों में भटकना पड़ रहा है। नगर के समीपस्थ ग्राम कामथ, चिखली खुर्द सहित सोनोरा एवं बघोड़ा में इन दिनों जल संकट गहरा गया है वहीं दूरस्थ अंचलों में स्थिति और अधिक खराब हो गई है जिसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी नही हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि ऐसी स्थिति में पंचायतों को जलस्त्रोतों को अधिग्रहण भी किया जाना आवश्यक है ताकि ग्रामीणों को पेयजल के लिए भटकना नही पड़े। कई ग्रामों में नल जल योजना धीरे धीरे ठप्प होती जा रही है जिससे मई के अंत तक स्थिति और अधिक बदतर हो सकती है। बघोड़ा के कमलेश अदवारे सहित अन्य लोगों ने बताया कि पंचायत में वैकल्पिक व्यवस्था की गुहार लगाई जा रही है। इधर अन्य ग्रामीणों ने बताया कि भीषण गर्मी में अन्य आवश्यक कार्यों को छोड़कर पानी की व्यवस्था में ही समय जा रहा है। महिलाएं तो पूरे दिन पानी का जुगाड़ करने में ही परेशान हो रही है। बताया जा रहा है कि पंचायतों में भी ट्यूबवेलों का जलस्तर नीचे गिरने से बोर ने पानी उगलना बंद कर दिया है। जल संकट बढ़ने का एक और कारण ग्रामीण अंचलों में पर्याप्त बिजली नही मिलना बताया जा रहा है जिसके कारण जल संग्रहित नहीं हो पाता है। ऐसी स्थिति में बिजली सप्लाई पर ही लोग निर्भर हो गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली नही रहने से स्थिति और अधिक खराब हो चुकी है तथ पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है।
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