किसान के बेटे ने गाड़ा सफलता का झंडाः राजू पिपरदे को मिली PhD की उपाधि

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                       भैंसदेही के ग्राम गोरेगांव का नाम किया रोशन, मछली प्रजातियों और जैव विविधता' पर किया शोध

Betul Samachar /भैंसदेही/मनीष राठौर:- प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती और न ही वह संसाधनों की कमी से रुकती है। इसे सच कर दिखाया है जिले की भैंसदेही तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम गोरेगांव के एक साधारण किसान परिवार के बेटे राजू पिपरदे ने। राजू ने बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल से पीएचडी (पीएचडी) की उपाधि प्राप्त कर न केवल अपने माता-पिता का सपना पूरा किया, बल्कि पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। जलीय जैव विविधता संरक्षण पर किया महत्वपूर्ण शोधःः राजू पिपरदे ने अपनी शोध यात्रा शासकीय जे.एच. पीजी महाविद्यालय, बैतूल रिसर्च सेंटर में डॉ. सुखदेव डोंगरे के कुशल मार्गदर्शन में पूर्ण की। उनके शोध का विषय ‘कोलार डैम (भोपाल) की विभिन्न मछली प्रजातियों की वृद्धि एवं जलीय जैव विविधता संरक्षण था। उनके इस शोध से जलीय जीवन के संरक्षण और मत्स्य पालन के क्षेत्र में कई उपयोगी और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जो भविष्य में शोधकर्ताओं के लिए मील का पत्थर साबित होंगीः सफलता का श्रेय अपनों कोः अपनी इस बड़ी उपलब्धि पर डॉ. राजू पिपरदे ने भावुक होते हुए इसका श्रेय अपने पिता श्री तुलाराम पिपरदे माता श्रीमती गुलबिया पिपरदे और पत्नी श्रीमती किरण पिपरदे के निरंतर सहयोग और बलिदान को दिया है।

उन्होंने अपने मार्गदर्शक डॉ. सुखदेव डोंगरे और सहयोगियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया।: : बधाइयों का लगा तांताःः राजू की इस सफलता पर शिक्षा जगत और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों में हर्ष की लहर है। डॉ. धर्मेंद्र सिंह चौहान, डॉ. संदीप राने, डॉ. नूर मोहम्मद, डॉ. गोलमन आहके, डॉ. रामचंद्र गुजरे, डॉ. पारस बेले, डॉ. किशोरीलाल धुर्वे, डॉ. सतीश ठाकरे, डॉ. रमेश गोहे, पत्रकार दीपक कुमार बडौदे, डॉ. सी.के. लोखंडे, डॉ. गुणवंत मकोड़े, अंकित, अजय,, अमित, नैवेद्य पिपरदे, नीलेश, सागर मोलें, मोलें सहित समस्त परिवारजनों और शुभचिंतकों ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए बधाई प्रेषित की है।

बधाइयों का लगा तांता

भोपाल से पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर न केवल अपने

माता-पिता का सपना पूरा किया, बल्कि पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।

खेती-किसानी के माहौल से निकलकर शोध की ऊंचाइयों तक पहुँचना यह दर्शाता है कि मेहनत और संकल्प से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। बधाई डॉ. राजू पिपरदे ! आपने सिद्ध कर दिया कि मेहनत का फल मीठा होता है।

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