NCERT के क्लास 8 की सोशल साइंस की टेक्स्टबुक से ज्यूडिशियरी पर एक चैप्टर को ब्लॉक करने के फैसले के बाद, यह सवाल एक बार फिर सामने आ गया है कि NCERT की टेक्स्टबुक कौन तैयार करता है और उनका कंटेंट कौन तय करता है। असल में, नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के तहत, NCERT ने सिलेबस और नई टेक्स्टबुक को फाइनल करने के लिए एक हाई-लेवल 19 मेंबर की कमेटी बनाई थी। इस कमेटी में एजुकेशन, इकोनॉमिक्स, साइंस, स्पोर्ट्स, म्यूजिक और एडमिनिस्ट्रेशन समेत अलग-अलग फील्ड के एक्सपर्ट शामिल हैं, जो स्कूलों के लिए नया सिलेबस और टेक्स्टबुक डेवलप करने के लिए मिलकर काम करते हैं।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 को लागू करने के तहत एक 19 सदस्यीय राष्ट्रीय पाठ्यक्रम एवं शिक्षण सामग्री समिति (NSTC) का गठन किया है. यह समिति क्लास 3 से 12th तक के स्टूडेंट्स के लिए नया सिलेबस और किताबों की रूपरेखा तैयार करती है, जबकि कक्षा 1 और 2 की मौजूदा किताबों में संशोधन भी इसी के तहत किया जाएगा. समिति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नई किताबें आधुनिक शिक्षा ढांचे और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा (NCF-SE) के अनुरूप हों.
समिति के अध्यक्ष
इस समिति की अध्यक्षता राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (NIEPA) के कुलाधिपति प्रो. एम.सी. पंत कर रहे हैं, जबकि प्रिंसटन विश्वविद्यालय के प्रो. मंजुल भार्गव सह-अध्यक्ष हैं. इनके अलावा शिक्षा, अर्थशास्त्र, विज्ञान, संस्कृति और खेल जगत से जुड़े कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञ इसमें शामिल हैं.
अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल, कई प्रसिद्ध नाम भी मौजूद
इस समिति में इंफोसिस फाउंडेशन की अध्यक्ष सुधा मूर्ति, अर्थशास्त्री बिबेक देबरॉय और संजीव सान्याल, प्रसिद्ध गायक शंकर महादेवन और बैडमिंटन कोच यू. विमल कुमार जैसे नाम शामिल हैं. इसके अलावा एनसीईआरटी के कई प्रोफेसर, विश्वविद्यालयों के शिक्षाविद और प्रशासनिक अधिकारी भी इसका हिस्सा हैं. एनसीईआरटी के अध्यक्ष प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी के अनुसार, समिति के हर सदस्य की अलग-अलग जिम्मेदारी तय की गई है. सभी विशेषज्ञ मिलकर पाठ्यक्रम, किताबों की सामग्री, शिक्षक गाइड और अन्य शैक्षणिक संसाधन तैयार करेंगे.
19 मेंबर कमेटी की पूरी डिटेल
- श्री एम.सी. पंत, कुलाधिपति, राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एनआईईपीए) अध्यक्ष
- प्रो. मंजुल भार्गव, प्रिंसटन विश्वविद्यालय – सह-अध्यक्ष
- डॉ. सुधा मूर्ति, अध्यक्ष, इंफोसिस फाउंडेशन
- डॉ. बिबेक देबरॉय, अध्यक्ष, ईएसी-पीएम
- डॉ. शेखर मांडे, पूर्व महानिदेशक, सीएसआईआर, प्रतिष्ठित प्रोफेसर, सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय, पुणे
- प्रोफेसर सुजाता रामदोराई, ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय, कनाडा
- श्री शंकर महादेवन, संगीत उस्ताद, मुंबई
- श्री यू. विमल कुमार, निदेशक, प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन अकादमी, बेंगलुरु
- प्रो. मिशेल डैनिनो, विजिटिंग प्रोफेसर, आईटी_गांधीनगर
- श्रीमती सुरीना राजन, आईएएस (सेवानिवृत्त), हरियाणा, पूर्व महानिदेशक, हिपा
- श्री चामू कृष्ण शास्त्री, अध्यक्ष, भारतीय भाषा समिति
- श्री संजीव सान्याल, सदस्य, ईएसी-पीएम
- डॉ. एम.डी. श्रीनिवास, अध्यक्ष, नीति अध्ययन केंद्र, चेन्नई
- श्री गजानन लोंढे, प्रमुख, कार्यक्रम कार्यालय, एनएसटीसी
- डॉ. राबिन छेत्री, निदेशक, एससीईआरटी, सिक्किम
- प्रो. प्रत्युषा कुमार मंडल, एनसीईआरटी
- प्रोफेसर दिनेश कुमार, एनसीईआरटी
- प्रोफेसर कीर्ति कपूर, एनसीईआरटी
- प्रोफेसर रंजना अरोरा, एनसीईआरटी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस समिति में अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं, जो मिलकर स्कूलों के लिए नया सिलेबस और किताबें तैयार करने का काम करते हैं.

