व्यापारियों की समस्याओं के निराकरण की रखी मांग
Betul News/भैंसदेही/मनीष राठौर:- भैंसदेही कृषि आदान विक्रेता संघ भैसदेही द्वारा प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदास बीएस कुमरे को ज्ञापन सौपा। जिसमें मांग की है कि उर्वरक निर्माता कंपनियों द्वारा सब्सिडी वाले खाद के साथ अनुपयोगी उत्पादों की जबरन लिंकिंग को अपराध घोषित किया जाए। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्णय की तर्ज पर पूरे देश में अनुदानित उर्वरक के साथ गैर-अनुदानित उत्पाद बेचने की बाध्यता पर रोक लगे। खाद की डिलीवरी डीलर के बिक्री केंद्र तक कंपनियों द्वारा सुनिश्चित की जाए। वर्तमान में यूरिया जैसे खाद की डिलीवरी रेल-हेड पर दी जा रही है, जिससे डीलरों को प्रति बैग 40 से 50 रुपये का अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ रहा है। बढ़ती लागत और महंगाई को देखते हुए उर्वरकों पर डीलर मार्जिन को बढ़ाकर कम से कम 8 प्रतिशत किया जाए। साथी पोर्टल में राहत: ग्रामीण खुदरा विक्रेताओं के लिए इस पोर्टल को वैकल्पिक बनाया जाए और इसकी अनिवार्यता केवल निर्माताओं एवं थोक विक्रेताओं तक सीमित रखी जाए।
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अवैध बीजों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगे या अधिकृत डीलरों को विनियमित बिक्री की अनुमति दी जाए। खाद, बीज एवं कीटनाशक के सीलबंद पैकिंग में नमूना फेल होने पर विक्रेता को अपराधी नहीं, बल्कि केवल गवाह माना जाए। चूंकि विक्रेता जिला कृषि अधिकारी से प्राप्त लाइसेंस के आधार पर केवल सीलबंद माल बेचता है, अत: गुणवत्ता की पूर्ण जिम्मेदारी निर्माता कंपनी की होनी चाहिए। कंपनियों के लिए पुराने या एक्सपायर्ड स्टॉक को वापस लेना कानूनी रूप से अनिवार्य किया जाए। ज्ञापन सौंपते समय रमेश देशमुख, प्रशांत वागद्रे, राजेन्द्र देशमुख, हेमराज पांसे, खुशवंत मोहने, मोनु अड़लक, लवनीश महाले, सौरभ धाड़से, संदीप नरवरे, संजय राठौर, धनराज झाड़े, अमित सोलंकी, गीतेश राने, अशोक मगरदे, खेमराज सोलंकी, विकास सोनी, अजय झाड़े, शैलेन्द्र अमरघड़े, प्रफुल झाड़े, हरिश राठौर, आशिष साहु, तुषार राठौर सहित बड़ी संख्या में कृषि आदान विक्रेता संघ भैसदेही के पदाधिकारी मौजूद रहे।

