Betul Daily News/भैंसदेही/मनीष राठौर:- भैंसदेही गौ सम्मान आव्हान अभियान के अंतर्गत गौ-सेवकों ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम प्रेषित ज्ञापन तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार भगवानदास कुमरे को सौंपा। जिसमें गौ-सेवकों ने मांग की है कि मप्र में गौवंश के संरक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा केन्द्र सरकार को संविधान के अनुच्छेद 48 में आवश्यक संशोधन कर केन्द्रीय गौ सेवा एवं सरंक्षण अधिनियम लागू करने तथा पृथक गोपालन मंत्रालय की स्थान के लिए अनुशंसा प्रेषित की जाए, ताकि संपूर्ण राष्ट में गौवध पर पूर्ण प्रतिबंध लग सके। साथ ही राज्य स्तर पर समस्त वधशालाओं के लाइसेंस तुरंत निरस्त कर वध पर कठोर कार्रवाही सुनिश्चित की जाए। गौ-तस्करी और गौ-वध को संज्ञेय एवं गैर जमानती अपराध की श्रेणी में रखकर आजीवन कारावास तथा अपराध में संलिप्त दोषियों की संपत्ति कुर्क (राजसात) करने का कठोर विधिक प्रावधान हो। स्कूली पाठ्यक्रमों में गौ-विज्ञान को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया जाए, ताकि भावी पीढी गौवंश के आध्यामिक वैज्ञानिक, औषधिय और आर्थिक महत्व को समझ सके। गौ सेवकों ने मांग की कि पंचगव्य (गोबर-गोमूत्र) अनुसांधान को बढ़ावा देकर इन्हें प्राकृतिक कृषि के लिए जैविक खाद्य, कीटनाशक और औषधि के रूप में सरकारी खरीदी तंत्र से जोड़ा जाए। स्कूलों में मिड डे मील व मंदिरों के प्रसाद में केल देशी गौ घृत व दुग्ध का उपयोग अनिवार्य हो। प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर नंदीशाला और जिला स्तर पर न्यूनतम एक आदर्श गो अभ्यारण अथवा वृहद गोशाला की स्थापना अनिवार्य हो, जहां निराश्रित गौवंश को ससम्मान आश्रय मिल सके। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल रहे।
Betul News: कृषि आदान विक्रेता संघ भैसदेही ने प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

