जागरूक नागरिकों ने कलेक्टर के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
Betul Ki Taja Khabar/मुलताई । मुलताई एवं आसपास के क्षेत्रों में मात्र 6 से 9 किमी की दूरी पर लगातार आ रहे भूकंपीय केंद्रों की उच्च स्तरीय वैज्ञानिक जाँच की मांग सोमवार नगर के जागरूक नागरिकों ने कलेक्टर को एसडीएम के माध्यम से ज्ञापन सौंप कर किया गया। इसके साथ ही बाँधों की सुरक्षा, जर्जर मकानों के सर्वे एवं रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग नागरिकों द्वारा की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि नगर सहित समीपवर्ती क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से लगातार महसूस किए जा रहे भूकंपीय हलचल से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। इसलिए आए दिन आ रहे भूकंप के झटकों की संबंधित विभाग द्वारा तत्काल जांच करना आवश्यक है।
भूकंप ने बढ़ाई चिंता
ज्ञापन में कहा गया है कि भूकंप का मुलताई से मात्र 6 और 9 किमी पर केंद्र होने से यह एक बड़ी खतरे की घंटी है जो चिंताजनक है। शासकीय भूकंपीय पोर्टल के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले 3 दिनों के भीतर मुलताई और आसपास के क्षेत्र में 6 भूकंपीय केंद्र बिंदु दर्ज किए जा चुके हैं। सबसे ज्यादा चिंताजनक और डराने वाली बात यह है कि इनमें से भूकंप के मुख्य केंद्र बिंदु मुलताई शहर से मात्र 6 किलोमीटर और 9 किलोमीटर की न्यूनतम दूरी पर पाए गए हैं। जनसंख्या क्षेत्र के इतने पास भूकंप का केंद्र होना पूरे मुलताई क्षेत्र के लिए एक बड़ी खतरे की घंटी है, जो किसी भी वक्त भारी तबाही का कारण बन सकता है।
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लगातार कम तीव्रता के झटके
सरकारी पोर्टल पर केवल वही झटके दर्ज हो रहे हैं जिनकी तीव्रता 3.0 या उससे अधिक है। लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि पिछले कुछ महीनों से जनता निरंतर कम तीव्रता के झटके महसूस कर रही है, जिनकी चर्चा नागरिकों द्वारा सोशल मीडिया पर भी सैकड़ों बार प्रमुखता से की गई है।
पहाड़ी क्षेत्रों में फैक्ट्रियों की ब्लास्टिंग का प्रभाव भी एक कारण माना जा रह है। ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों का यह स्पष्ट मानना है कि पहाड़ी इलाकों में संचालित कुछ फैक्ट्रियों द्वारा की जा रही भारी व अनियंत्रित ब्लास्टिंग इस घटनाक्रम का मुख्य कारण हो सकती है। इन गतिविधियों की वजह से धरती की आंतरिक संरचना पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।

